समस्तीपुर: स्मार्ट मीटर से लोगों को आर्थिक बोझ के साथ-साथ उनकी मानसिक परेशानी भी बढ़ी! उपभोक्ताओं ने की यह मांग…

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समस्तीपुर :- समस्तीपुर जिले में अधिकांश घरों में स्मार्ट मीटर लगाया जा चुका है। विरोध के बावजूद कुछ जगहों पर इसे लगाने का काम भी जारी है। हालांकि अब तक किसी सरकारी कार्यालय में स्मार्ट मीटर नहीं लगाया गया है। इस मीटर के लगने के बाद अधिकांश लोगों की शिकायत है कि उनका बिजली बिल अधिक आने लगा है। मीटर चार्ज के अलावा भी अल्य मद में राशि की कटौती कर ली जाती है। जिससे आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
वहीं कई लोगों की शिकायत है कि रिचार्ज कराने के बाद उनके घर में बिजली विलंब से आती है। जिससे इसके खिलाफ विद्युत सुधार संघर्ष मोर्चा लगातार आंदोलन कर रहा है। मोर्चा के संयोजक व माले के नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि अगर प्रीपेड मीटर सभी पैमाने पर खरा उतरता है तो पहले सभी सरकारी विभाग, कार्यालय, अधिकारी के आवास, स्कूल, कालेज, एमपी, एमएलए आदि के यहां लगाया जाये। फिर आम उपभोक्ता खुद ही अपने घरों में लगवा लेंगे।

लोगों ने बताया कि जब से स्मार्ट मीटर लगा है तब से परेशानी बढ़ गयी है। अचानक मीटर का रीडिंग दोगुना बढ़ जाता है और माइनस में बिलिंग होने पर लाइन काट दिया जाता है। एक दिन में 432 रुपया बिलिंग हुआ है। जबकि पहले एक दिन में औसतन 63 रुपया की बिलिंग हो रहा था। यानी एक माह में एक हजार से 1500 रुपए तक का बिल आता था। वही अब एक माह में 3500 का बिल आ रहा है। लोगों का बताना है कि जब से स्मार्ट मीटर लगा है तबसे लोगों का आर्थिक शोषण शुरू हो गया है।

वहीं कॉमर्शियल कनेक्शन के उपभोक्ता रौनित विजय ने बताया कि उनकी बेकरी में थ्री फेज कनेक्शन है। पहले सामान्य मीटर से जहां महीने का बिल आठ हजार से दस हजार रुपये के बीच आता था, वहीं जब से स्मार्ट मीटर लगा है बिलिंग दुगुना हो गया है। उतने ही लोड पर अब महीने का बिल 20 हजार से 25 हजार रुपये लग रहा है। इसकी शिकायत भी की, बिलिंग का डीटेल्स देने को भी कहा। पर विभाग द्वारा एप के माध्यम से ही जानकारी लेने की बात कही गयी। एप में कई बिलिंग की पारदर्शिता नहीं रखी गयी है।





