पहले पिता को भारत रत्न, अब रामनाथ ठाकुर बने मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्री; समस्तीपुर में दिवाली मना रहा परिवार
समस्तीपुर के रामनाथ ठाकुर जनता दल युनाइटेड के नेता हैं। वह संसद के ऊपरी सदन यानी राज्यसभा में जदयू को रिप्रजेंट करते हैं। वे इससे पहले बिहार विधान परिषद के भी सदस्य रह चुके हैं। नरेंद्र मोदी सरकार 3.0 में रामनाथ ठाकुर भी केंद्रीय राज्य मंत्री बन चुके हैं।
मोदी कैबिनेट में रामनाथ ठाकुर के शामिल होने की सूचना पर उनके गांव कर्पूरीग्राम में ग्रामीणों ने रंग-गुलाल लगाकर खुशी जाहिर की। घर के बाहर लोगों ने पटाखे फोड़कर व मिठाई खिलाकर खुशियां मनाई। बता दें कि रामनाथ ठाकुर राजनीति में बड़ा चेहरा हैं। वह जननायक भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर के पुत्र हैं। आइए जानते हैं उनके राजनीतिक सफर के बारे में।

रामनाथ ठाकुर के पिता कर्पूरी ठाकुर
साल 1950 में जन्में रामनाथ ठाकुर बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले हैं। वह नाई जाती से आते हैं। रामनाथ की पहचान उनके पिता के कारण भी है। वह कर्पूरी ठाकुर के बेटे हैं। वही कर्पूरी ठाकुर जिन्हें इस साल भारत सरकार ने भारत रत्न से सम्मानित किया था। इन्हें नीतीश कुमार का बेहद करीबी माना जाता है। पिता कर्पूरी ठाकुर की तरह उनकी भी पिछड़ी जाती के लोगों के बीच अच्छी खासी पकड़ है।

राजनीतिक जीवन
रामनाथ ठाकुर राजद और नीतीश दोनो की सरकारों के साथ कई महत्वपूर्ण राजनीतिक पदों पर आसीन रह चुके हैं। बिहार विधान परिषद के सदस्य रहे इसके बाद लालू प्रसाद की सरकार में गन्ना उद्योग मंत्री भी रह चुके हैं। साल 2005 से लेकर 2010 तक नीतीश कुमार की कैबिनेट में तमाम विभागों को संभाल चुके हैं। इन विभागों में राजस्व और भूमि सुधार, कानून, सूचना और जनसंपर्क मंत्री के तौर पर काम कर चुके हैं। इसी के बाद से रामनाथ नीतीश कुमार की फेवरेट लिस्ट में शामिल हो गए हैं । अब इन्हें नीतीश कुमार का करीबी माना जाता है।

अति पिछड़ा वर्ग में अच्छी पकड़
पिता कर्पूरी ठाकुर की तरह इनकी भी बिहार के अति पिछड़ा वर्ग के बीच अच्छी -खासी पकड़ है। इससे हटकर उनका प्रभाव अन्य पिछड़ी जातियों पर भी देखा जा सकता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार के 2 फीसदी अति पिछड़ा वर्ग से जुड़े लोग किसी भी उम्मीदवार के खेल को बना-बिगाड़ सकते हैं। इसलिए मोदी सरकार भी उनके इस प्रभाव से वाकिफ थी।
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