समस्तीपुर :- समस्तीपुर सदर अस्पताल के MRT सेंटर में सोमवार की शाम HIV पॉजिटिव एक युवक व युवती की शादी करायी गई। इसकी अध्यक्षता अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. गिरीश कुमार ने की। MRT सेंटर के काउंसलर विजय मंडल ने बताया कि HIV पॉजिटिव लड़की अनाथ है और वह दरभंगा MRT सेंटर से दवा खाती है। वहीं लड़का समस्तीपुर MRT सेंटर से दवा खाता है। दोनों मरीजों का वायरल लोड टारगेट कम है और दोनों सुखद दांपत्य जीवन का आनंद ले सकते हैं। इसके लिए उनकी चाहत को देखते हुए MRT सेंटर ने दोनों की रजामंदी से उन दोनों को मिलाने की ठानी। दवा के रेगुलर लेने के बाद उन दोनों का बच्चा HIV निगेटिव ही होगा।
इसमें समस्तीपुर MRT सेंटर के काउंसलर विजय मंडल की मुख्य भूमिका रही। उन्होंने जहां लड़की का कन्यादान किया और गृहस्थी यापन के लिए रसोई का बर्तन, कपड़े, बिस्तर व अन्य सामग्री नव जोड़े को प्रदान किया है। इसमें MRT सेंटर की मेडिकल ऑफिसर, डाटा मैनेजर तन्वी कुमारी, स्टॉफ नर्स नविन्ता कुमारी व टीम ने मदद की है।
एड्स एक गंभीर बीमारी है। यह एचआईवी वायरस के कारण होती है। यह वायरस रोग-प्रतिरोधक क्षमता को नुकसान पहुंचाता है और संक्रमण से लड़ने की क्षमता कमजोर हो जाती है। एड्स एचआईवी संक्रमण का अंतिम चरण है। एचआईवी पॉजिटिव होने का मतलब यह कतई नहीं है कि मरीज को एड्स है, जबकि एड्स होने का मतलब है कि मरीज एचआईवी पॉजिटिव है।
अगर मां एचआईवी पॉजिटिव है तो जरूरी नहीं है कि जन्म लेने वाला बच्चा भी एचआईवी पॉजिटिव निकले। रेगुलर दवा लेने से मां के पॉजिटव होने के बावजूद जन्म लेने वाला बच्चा नेगिटिव हो सकता है।
बुखार, ठंड लगना, गले में खरास, दर्द, रात में पसीना आना, शरीर पर चकते बनना, थकान, जोड़ों में दर्द आदि।
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