समस्तीपुर :- जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह के द्वारा समाहरणालय सभागार में पराली जलाने से उत्पन्न पर्यावरण संबंधी समस्याओं से संबंधित समीक्षात्मक बैठक की गई। बैठक में जिलाधिकारी के द्वारा इसमें सभी विभागों के समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया गया। पराली जलाने से गंभीर वायु प्रदूषण की समस्या, मृदा प्रदूषण की समस्या स्वास्थ्य की गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती है। पराली का प्रयोग पशुओं के चारे के रूप में एवं बायो फर्टिलाइजर बनाने में किया जा सकता है।
जिलाधिकारी द्वारा जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया गया की किसानों के बीच यह बात स्पष्ट रूप से पहुंचनी चाहिए की जो किसान अपने खेत में पराली जलाएंगे उन्हे अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। इसके लिए विभाग वार कार्य विवरणी बनाने का निर्देश दिया गया।
जिला पदाधिकारी के द्वारा वायु की गुणवत्ता की जांच करने के के लिए समीर एप डाउनलोड करने की सलाह दी गई। यह ऐप सभी शहरों की वायु गुणवत्ता को प्रदर्शित करता है। भवन निर्माण विभाग को निर्माण कार्य कराते हुए वायु गुणवत्ता को बढ़ाने एवम पर्यावरण संबंधी मानकों पर ध्यान देने का निर्देश दिया। पुलिस विभाग के द्वारा प्रयुक्त वाह की जांच करने का निर्देश जिला परिवहन पदाधिकारी को दिया गया। बैठक के दौरान गंगा समिति, सिंगल यूज प्लास्टिक, जैव चिकित्सा अपशिष्ट के संबंध में विस्तार से समीक्षा की गई।
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