समस्तीपुर :- समस्तीपुर जिले के प्लस टू स्कूलों में 11वीं कक्षा में पढ़ाई नहीं होने की वजह से अधिकांश स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति नगण्य रहती हैं। जो बच्चे क्लास में आते भी हैं वे स्कूल में अधिक देर तक टिक नहीं पाते हैं। वे क्लास से निकल जाते हैं। कुछ स्कूल ऐसे भी हैं जहां प्लस टू स्तर के शिक्षक हैं भी तो वे स्कूल में बैठे रहते हैं, वे क्लास ही नहीं लेते हैं।
प्लस टू स्तर के स्कूलों में नामांकित अधिकांश बच्चे क्लास नहीं चलने की वजह से अपनी पढ़ाई करने कोचिंग संस्थान चले जाते हैं। 11वीं क्लास में छात्र छात्राओं की नगण्य उपस्थित का कारण यह बताए जा रहे हैं। एक जुलाई से जिले के सरकारी स्कूलों की स्थलीय अधिकारी जांच के दौरान में इसका खुलासा हुआ है।
आरएसबी इंटर स्कूल समस्तीपुर के कई छात्रों ने बताया कि वे स्कूल में नामंकित तो हैं लेकिन स्कूल में 11वीं की क्लास नहीं होने के कारण वे स्कूल नहीं जाकर अपना कोर्स पूरा करने के लिए कोचिंग संस्थान जाते हैं। इस स्कूल में प्लस टू स्तर के शिक्षक स्कूल में बैठे रहते हैं तथा क्लास नहीं लेते। ऐसे में स्कूल जाने से क्या फायदा है।
प्लस टू तिरहुत एकेडमी समस्तीपुर के छात्र छात्रों ने बताया कि स्कूल में प्लस टू के शिक्षक 11वीं का क्लास नहीं लेते हैं। जिससे वे स्कूल जाकर लौट आते हैं। मजबूरी में उन्हें कोचिंग संस्थान का सहारा लेना पड़ता है। प्लस टू गर्ल्स स्कूल काशीपुर की छात्राओं का भी यही रोना है। प्लस टू गोल्फ फिल्ड रेलवे कॉलोनी स्कूल, प्लस टू श्रीकृष्ण स्कूल व प्लस टू श्रीसुन्दर स्कूल मुक्तापुर के भी कई छात्र छात्राओं ने बताया कि उन्हें कोंचिग संस्थान में अपनी पढ़ाई के लिए जाते हैं। उनके स्कूल में सही से व पूरी तरह क्लास नहीं होती है। कुछ शिक्षक स्कूल में बैठे रहते हैं लेकिन क्लास लेने से परहेज करते हैं।
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