समस्तीपुर/हसनपुर :- हसनपुर प्रखंड अंतर्गत औरा गांव के औरा-पटसा पथ में शिवमंदिर के समीप मिटटी के नीचे माँ दुर्गा की मूर्ति मिलने की खबर आग की तरह फैल गई। स्थानीय लोगों ने पूजा अर्चना, भजन कीर्तन शुरू कर दी। बताया जाता है कि बच्चों ने खलने के क्रम में मिटटी के नीचे मूर्ति देखा। जिसकी सूचना आस पास के लोगों को दी गई। लोगों ने मिटटी हटाया तो माता दुर्गा की मूर्ति मिली। इसके बाद वहां पूजा -अर्चना शुरू हो गई।
वहां जुटे लोगों ने खोदाई कर मूर्ति को बाहर निकाला। लोग भजन -कीर्तन करते बगल के हनुमान मंदिर परिसर के पास प्रतिमा को स्थापित कर दिया। इसकी सूचना मिलते ही पटसा, मधेपुर, डुमरा, देवड़ा, काले, चंदरपुर, महुआ, कोकनी, करसौली आदि गांवों के लोगों की भीड़ जुट गई। चढ़ावे व पूजा के साथ भजन कीर्तन शुरू हो गया।
मां दुर्गे के जयकारे से इलाका गूंजने लगा। मौके पर पहुंचे पटसा गांव के कई पंडितों ने भी प्रतिमा को बारीकी से देखा। बताया कि लाल बलुआई रबेदार चट्टान पर बनी मूर्ति मौर्य कालीन होती है। यह मगध व पटना के आसपास से मिलती है। हसनपुर क्षेत्र में ऐसी प्रतिमा नहीं मिलती है।
लाल चिकनी मिट्टी की बनी मूर्ति कुछ वर्ष पूर्व भागलपुर जिले के शाहकुंड की पहाड़ी और नाथनगर प्रखंड के मनसर गांव में तालाब की खोदाई के दौरान यक्षिणी की मिली थी। हसनपुर में संभवत: पहली मूर्ति मिली है। दो भुजा वाली इस मूर्ति में दाहिने एक भुजा में खड्ग तथा दूसरे में त्रिशूल है, जो महिषासुर की गर्दन पर वार करते नजर आ रही है। मूर्ति से स्पष्ट होता है कि यह अन्य प्राचीन मूर्तियों से मेल खाता है।
पटना मेट्रो (Patna Metro) रेल परियोजना के भूमिगत निर्माण कार्य में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि…
बिहार आज भी निवेश आकर्षित करने की कसौटी पर सबसे पिछड़ा राज्य है। आधारभूत संरचना,…
समस्तीपुर : आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर…
समस्तीपुर : युवाओं और विद्यार्थियों के लिए समस्तीपुर कॉलेज परिसर में 2 और 3 सितंबर…
समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले में हुए कई ब्लाइंड हत्याकांड मामलों में पुलिस अब तक किसी…
समस्तीपुर : शहर के कुछ होटल, लॉज और कथित रूप से कुछ स्पा-मसाज सेंटरों में…