Samastipur

समस्तीपुर जिले के सभी थानों में आज से दो-दो थानाध्यक्ष, DGP भट्टी के आदेश पर SP ने किया बड़ा बदलाव… 

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समस्तीपुर :- पुलिस को जवाबदेह और उत्तरदायी बनाने के मकसद से डीजीपी आरएस भट्टी के आदेश पर समस्तीपुर पुलिस ने अब जिले के सभी थानों में दो थानाध्यक्षों की नियुक्ति किया है। समस्तीपुर के पुलिस कप्तान विनय तिवारी ने समस्तीपुर टाउन मीडिया को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि समस्तीपुर जिले के सभी थानों में अब अपर थानाध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया हैं।

अपर थानाध्यक्ष द्वारा थाना में थानाध्यक्ष की तरह ही कार्य किया जाएगा। थानाध्यक्ष के थाना पर नहीं रहने की दिशा में वह पीड़ित का आवेदन लेकर अगर मामला प्राथमिकी का बनता है तो वह प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस पदाधिकारी अनुसंधान शुरू करने का निर्देश दें सकेंगे। इसके साथ ही पीड़ित जिनके आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्हें नि:शुल्क प्राथमिकी की कॉपी उपलब्ध कराएंगे।

15 दिनों में कर लेना है जांच का निपटारा

एसपी ने बताया कि अगर थाने पर कोई आवेदन मिलता है। जो प्राथमिकी के लायक नहीं है तो उस आवेदन की जांच 15 दिनों के अंदर कर निपटारा कर लेना है। साथ ही थाना पर आने वाले आवेदक को आवेदन की प्राप्ति दी जाएगी। नहीं होता है तो पीड़ित जिला पुलिस के सैशल मीडिया पेज पर या फोन पर सीधी शिकायत कर सकते हैं।

शिकायत में अगर मामला सही पाया जाता है कि पुलिस पदाधिकारी के कारण जांच नही की गई है तो इस मामले में सीधी कार्रवाई होगी। एसपी ने कहा कि 15 दिनों में किए गए पुलिस की जांच से आवेदन संतुष्ट नही है तो सर्किल इंस्पेक्टर, एसडीपीओ, एसपी के यहां जा सकते हैं। उसके बाद इस मामले में दूसरे पदाधिकारी को भेज कर जांच कराई जाएगी।

दरअसल, बिहार के थानों को लेकर कई बार ऐसी शिकायत मिलती थी कि थानाध्यक्ष की अनुपस्थिति के कारण मामले में त्वरित संज्ञान नहीं लिया गया। इस वजह से पुलिस का काम भी प्रभावित होता था। वहीं आम लोगों की शिकायतों का ससमय निपटान भी नहीं होता है। इसी कारण बिहार के डीजीपी आरएस भट्टी ने पिछले दिनों पुलिस को जनहितकारी बनाने के लिए थानों में दो एसएचओ की नियुक्ति की बात कही थी।

डीजीपी के आदेश के अनुसार अब समस्तीपुर जिले में इसकी शुरुआत हुई है। समस्तीपुर जिले के थानों में अब दो थानाध्यक्ष होंगें। अगर मुख्य थानाध्यक्ष उपलब्ध नहीं रहते हैं तो उस स्थिति में अतिरिक्त थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी बढ़ जाएगी। अतिरिक्त थानाध्यक्ष ही उस समय थाने से जुड़े सभी मामलों को देखेंगे।

Avinash Roy

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