समस्तीपुर :- समस्तीपुर सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में सामान्य मरीजों के साथ ही अज्ञात व विक्षिप्त मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाता है। इससे सामान्य मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिसकी वजह से कुछ मरीज आने के साथ ही रेफर करवा दूसरे अस्पताल में चले जाते हैं जबकि गरीब मरीजों को मजबूरी में वार्ड में रह कर परेशानी उठानी पड़ती है।
इसके बावजूद विक्षिप्त व अज्ञात मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल में अब तक अलग से कोई वार्ड नहीं बनाया गया है। जबकि राज्य सरकार के मिशन 60 में अलग वार्ड बनाने का भी प्रावधान शामिल है। मिशन 60 के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक में भी डीएम योगेंद्र सिंह ने विक्षिप्त व अज्ञात मरीजों के लिए अलग वार्ड की व्यवस्था करने का आदेश दिया था। लेकिन उस पर अब तक अमल नहीं किया जा सका है।
वहीं मिशन 60 का समय भी पूरा हो चुका है। ऐसे में अलग से वार्ड की व्यवस्था के अभाव में इमरजेंसी वार्ड में ही अज्ञात व विक्षिप्त मरीज को रखा जाता है। इमरजेंसी वार्ड में इलाज कराने वाले मरीजों का कहना है कि विक्षिप्त व अज्ञात मरीज बेड पर ही गंदगी कर देते हैं। उसकी समय पर सफाई नहीं की जाती है जिससे उसकी बदबूं से उनका वार्ड में रहना मुश्किल हो जाता है। मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण ऐसे मरीज को अपनी कोई सुध भी नहीं रहती है। जिसके कारण वे बेड पर ही नित्यक्रिया भी करते रहते हैं।
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