समस्तीपुर जिले के सभी 10 विधानसभा सीटों पर NDA और महागठबंधन में बढ़ी उम्मीदवारों दावेदारी, एक ही पार्टी से कई दावेदार

समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले की सभी दस विधानसभा सीटों पर 2020 के चुनाव में राजग (एनडीए) और राजद गठबंधन ने बराबरी का प्रदर्शन किया था। दोनों ही गठबंधन ने पाँच-पाँच सीटों पर जीत दर्ज की थी। इसमें जदयू को तीन, भाजपा को दो, राजद को चार और माकपा को एक सीट मिली थी।
समस्तीपुर विधानसभा सीट से राजद प्रत्याशी अख्तरुल इस्लाम शाहिन विजयी हुए थे, जबकि जदयू प्रत्याशी अश्वमेघ देवी को हार का सामना करना पड़ा। समस्तीपुर में जदयू और भाजपा दोनों अपनी-अपनी दावेदारी पेश कर रही है। जदयू का चांस बनता है तो यहां अश्वमेध देवी के अलावे चर्चित चिकित्सक डॉ. मनोज भी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। वहीं शकुंतला वर्मा भी जोर लगा रही है। इसी तरह उजियारपुर से राजद प्रत्याशी आलोक कुमार मेहता ने जीत हासिल की थी, और भाजपा उम्मीदवार प्रो. शील कुमार राय दूसरे स्थान पर रहे। यहां भी एनडीए में उम्मीदवारों की लिस्ट लंबी है।
विभूतिपुर विधानसभा में माकपा के अजय कुमार ने परचम लहराया था। यहां जदयू उम्मीदवार रामबालक सिंह चुनाव हार गए थे। फिलहाल उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है, जिसके चलते इस सीट पर एनडीए खेमे में दावेदारी को लेकर असमंजस की स्थिति है। इस क्षेत्र में राजीव रंजन, अरविंद कुशवाहा समेत कई नेता सक्रिय हैं।

मोरवा सीट पर राजद प्रत्याशी रणविजय साहू ने जीत दर्ज की थी, जबकि जदयू के विद्यासागर निषाद दूसरे स्थान पर रहे थे। आगामी चुनाव को लेकर इस सीट से जदयू के विद्यासागर निषाद, लोजपा के अभय सिंह, भाजपा के वैद्यनाथ सहनी और हम से बीके सिंह भी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
हसनपुर विधानसभा सीट से राजद के तेज प्रताप यादव विजयी हुए थे। जदयू प्रत्याशी राजकुमार राय रनर रहे थे। यहां से इस बार एनडीए में ज्यादा दावेदारी की स्थिति नहीं है, लेकिन राजद खेमे में टिकट को लेकर खींचतान जारी है। सुनील कुमार पुष्पम, ललन यादव, रामनारायण मंडल, विभा देवी आदी राजद में अपनी-अपनी दावेदारी पेश कर रही है।

विभूतिपुर और मोरवा सीट पर पिछली बार जदयू रनर रही थी। इस कारण इन दोनों सीटों पर एनडीए प्रत्याशियों के बीच सर्वाधिक होड़ है। जीतनराम मांझी की पार्टी से बीके सिंह भी मोरवा विधानसभा क्षेत्र में जोरशोर से प्रचार में जुटे हैं। उनका दावा है की यह सीट एनडीए गठबंधन में हम पार्टी को ही मिलेगी। वारिसनगर विधानसभा क्षेत्र में माले के साथ-साथ कांग्रेस भी सीट चाह रही है।
सरायरंजन से वर्तमान विधायक जदयू के विजय चौधरी है और बिहार सरकार में मंत्री भी है। तीन बार से वह लगातार क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इसबार भी उनका सरायरंजन से जदयू की टिकट पर चुनाव लड़ना लगभग तय ही है। हालांकि एनडीए के ही भाजपा के रंजीत निर्गुणी भी चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुके हैं। अपने सोशल मीडिया हैंडल से उन्होंने सार्वजनिक तौर पर इसकी घोषणा भी कर दी है। वहीं महागठबंधन की ओर से राजद के अरविंद सहनी के अलावे लालबाबू महतो, रामश्रेठ राय, सुनील इस्सर अपनी-अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। वहीं मुकेश सहनी की वीआईपी पार्टी से कुणाल कुमार भी क्षेत्र में एक महीने से अधिक समय से तैयारी में जुटे हैं और चुनाव लड़ने के पूरे मूड में हैं।
उजियारपुर में स्थिति सबसे अधिक जटिल है। यहां भाजपा के कई संभावित उम्मीदवार दावेदारी जता रहे हैं। इनमें पीछले चुनाव में रनर रहे पूर्व विधायक प्रो. शील कुमार राय, उपेंद्र कुशवाहा और कमलकांत राय सबसे सक्रिय माने जा रहे हैं। रालोमो पार्टी भी एनडीए से दावेदारी पेश कर रहा है। कुल मिलाकर, समस्तीपुर जिले की कई सीटों पर एनडीए के भीतर ही टिकट के लिए घमासान तय माना जा रहा है। दूसरी ओर, राजद खेमे में भी कुछ सीटों पर खींच-तान की स्थिति बनी हुई है।





