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माले ने तेजस्वी को सीएम फेस बता 45 सीटों की बात दोहराई, कांग्रेस को ‘आइना’ भी दिखा दिया

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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर आरजेडी, कांग्रेस और वाम दलों के महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर घमासान होता नजर आ रहा है। लेफ्ट पार्टी सीपीआई-माले ने अपनी 45 सीटों पर तैयारी की बात दोहरा दी है। माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने बुधवार को सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव को महागठबंधन का मुख्यमंत्री का चेहरा बताया। उन्होंने कहा कि अगर महागठबंधन आगामी बिहार चुनाव जीतता है तो सीएम तेजस्वी होंगे। भट्टाचार्य ने अपने एक और सहयोगी कांग्रेस के पिछले विधानसभा चुनाव में प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए।

सीपीआई-माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने बुधवार को पीटीआई से इंटरव्यू में कहा कि उनकी पार्टी ने पिछले विधानसभा चुनाव में 19 में से 12 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस बार उनकी पार्टी 40-45 सीटों पर लड़ने के लिए जमीनी स्तर पर तैयारी कर रही है।

भट्टाचार्य ने कहा, “ऐसा माना जाता है कि पिछले विधानसभा चुनाव में अगर माले को ज्यादा सीटें मिलती, तो महागठबंधन सत्ता में होता। कांग्रेस को चुनाव लड़ने के लिए 70 सीटें मिलीं, लेकिन वह 19 पर ही जीत पाई। हमें (माले) 19 सीटें मिलीं और 12 पर जीत दर्ज की। लोकसभा चुनाव 2024 में भी गठबंधन के तहत माले को 3 सीट दी गई और हमने उनमें से 2 पर जीत हासिल की।”

उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर माले की ताकत का गठबंधन के सहयोगियों को भी फायदा मिला। जिन क्षेत्रों में माले की मजबूत उपस्थिति थी, वहां आरजेडी और कांग्रेस के प्रदर्शन भी अच्छा रहा था। आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में पहले के मुकाबले ज्यादा सीटों की इच्छा जताते हुए भट्टाचार्य ने कहा, “पिछली बार हमने केवल 12 सीटों पर चुनाव लड़ा था। हमारा मानना ​​है कि अब माले की 24-25 जिलों में बहुत मजबूत उपस्थिति है। अगर हम ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ते हैं, तो इससे नतीजों में फर्क पड़ेगा। हमें उम्मीद है कि इस बार सीपीआई-माले को अधिक सीटें मिलेंगी।”

सीपीआई-माले के महासचिव से पूछा गया कि क्या उन्हें इस बार कांग्रेस के बराबर सीटें मिलने की उम्मीद है। इस पर भट्टाचार्य ने कहा, “सभी जानते हैं कि बिहार में कांग्रेस की जमीनी स्थिति मजबूत नहीं है। हालांकि, कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और देश में मुख्य विपक्षी दल है। इसकी एक अलग पहचान है। बिहार में सीपीआई (माले) अपने जमीनी संगठन के लिए जानी जाती है। हम चाहते हैं कि महागठबंधन में सभी दलों की ताकत का सही इस्तेमाल हो।”

तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर माले महासचिव ने कहा कि वह जनता के लिए घोषित चेहरा हैं। अगर महागठबंधन चुनाव जीतता है तो तेजस्वी यादव ही सीएम होंगे। उन्होंने एनडीए पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भाजपा के लिए मजबूरी हैं। उन्होंने जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर को भाजपा की बी टीम करार दिया।

Avinash Roy

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