समस्तीपुर के इस गांव में शादी के लिये दुल्हा पक्ष के बदले दुल्हन पक्ष ही बारात लेकर पहुंचा, चहुंओर हो रही चर्चा
समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर प्रखंड क्षेत्र के मानाराय टोल निवासी मूर्तिकार लाल बहादुर पंडित के पुत्र शिक्षक धीरेन्द्र कुमार का विवाह समाज को एक नया संदेश देते हुए संपन्न हुआ। इस अनूठे विवाहोत्सव में सामान्य परंपराओं को तोड़ते हुए दुल्हन पक्ष ही बारात लेकर दूल्हा के दरवाजे पहुंची। वहीं नरेंद्र पंडित के विशेष निर्देशन में यह विवाह सादगीपूर्ण और दहेज रहित ढंग से संपादित हुआ। शिक्षक धीरेन्द्र कुमार का विवाह दिल्ली निवासी उमेश चंद पंडित की सुपुत्री शिक्षिका अनुमति के साथ संपन्न हुआ।
लड़की के पिता उमेश चंद पंडित का परिवार आध्यात्मिक संस्था शांति कुंज हरिद्वार से जुड़ा हुआ है। दोनों परिवारों के विचारों में सादगी और सामाजिक मूल्यों को महत्व देने की वजह से यह विवाह एक मिसाल बन गया। बताया जाता है कि वर (दूल्हा) धीरेन्द्र कुमार दरभंगा जिले के गौड़ाबौराम प्रखंड अंतर्गत आधारपुर विद्यालय में शिक्षक के पद पर पदस्थापित हैं।
वहीं वधू (दुल्हन) अनुमति कटिहार जिला के बारसोई में शिक्षिका के पद पर कार्यरत है। विवाहोत्सव की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि कन्या पक्ष ही गाजे-बाजे के साथ बारात लेकर मानाराय टोल स्थित वर के निवास पर पहुंचा। लड़के के पिता ने बताया कि इस विवाह का उद्देश्य केवल दो परिवारों को जोड़ना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की अलख जगाना भी है।

