“पति हो आवारा तो कंडोम ही सहारा…”, पंचायत वेब सीरीज की तर्ज पर समस्तीपुर में लगाए जा रहे एड्स जागरूकता के लिए नारे

समस्तीपुर : ‘दो बच्चे मीठी खीर, दो से ज्यादा बवासीर’ ये स्लोगन सुनते ही आपके जेहन में तुरंत पंचायत वेब सीरीज आ जाती होगी, क्योंकि हेल्थ विभाग की तरफ से दीवारों पर सचिव जी इसे लिखवाते हैं। खैर, ये तो पर्दे की दुनिया का स्लोगन था, लेकिन समस्तीपुर सदर अस्पताल से निकाली गई रैली में छात्राओं से कुछ ऐसा नारा लगवाया गया कि सोशल मीडिया पर सनसनी मच गई। वह नारा है- ‘जब पति हो आवारा, तो कंडोम ही सहारा’। इसके बाद हर तरफ समस्तीपुर जिले की चर्चा होने लगी। चलिए जानते हैं कि कब कि घटना है ये और क्या है मामला?
दरअसल, समस्तीपुर सदर अस्पताल में आयोजित एड्स जागरूकता कार्यक्रम के दौरान एनजीओ कर्मी ने ‘जब पति हो आवारा, तो कंडम ही सहारा’ नारा लगवाया। यह नारा सिविल सर्जन और नर्सिंग स्कूल की छात्राओं की मौजूदगी में लगाया गया और एनजीओ कर्मी ने छात्राओं से भी इसे दोबारा बुलवाया। इसके बाद कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे लोगों के बीच तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

मामले पर सवाल उठने के बाद सिविल सर्जन डॉ. एस. के. चौधरी ने सफाई देते हुए कहा कि यह कार्यक्रम एड्स जागरूकता दिवस के अवसर पर एक एनजीओ द्वारा आयोजित किया गया था। नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं को भी इसी कार्यक्रम में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बुलाया गया था। डॉ. चौधरी ने कहा कि एनजीओ कर्मी द्वारा लगाया गया नारा उन्हें भी उस वक्त थोड़ा अटपटा लगा था, लेकिन संभवतः नारे का उद्देश्य लोगों को सरल और सीधे तरीके से जागरूक करना रहा होगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस नारे का स्वास्थ्य विभाग या एड्स कंट्रोल सोसाइटी से कोई संबंध नहीं है और यह पूरी तरह से एनजीओ द्वारा तैयार किया गया था। सिविल सर्जन के अनुसार, विभाग का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना था, न कि किसी विवादित नारे को बढ़ावा देना। उधर, सोशल मीडिया पर कई लोग जागरूकता कार्यक्रम में अशोभनीय नारों के इस्तेमाल पर आपत्ति जता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे लोगों तक संदेश पहुंचाने का अनोखा तरीका बता रहे हैं।





