समस्तीपुर : इन दिनों शाम होते ही सर्द हवाएं शुरू हो जाती है। इसको लेकर सदर अस्पताल में भर्ती मरीजों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकतर मरीज घर से कंबल लाकर सर्द रात काटने को मजबूर हैं। उन्हें अस्पताल प्रबंधन के द्वारा कंबल उपलब्ध नहीं कराया जाता है। Samastipur Town Media की पड़ताल में इसका खुलासा हुआ है। सदर अस्पताल में रोजाना औसतन 30 से 40 मरीज भर्ती किए जाते हैं। अस्पताल प्रबंधन के पास 85 कंबल उपलब्ध है।
इस मुद्दे पर Samastipur Town संवाददाता द्वारा सदर अस्पताल के डीएस डॉ. गिरीश कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मरीजों के लिए फिलहाल 85 कंबल उपलब्ध है। स्वास्थ्य समिति से अतिरिक्त कंबल की मांग की गई है। कंबल की कमी नहीं है। जो मरीज कंबल की मांग करते हैं, उन्हें उपलब्ध कराया जाता है। मरीजों का कहना था कि ठंड दूर करने के लिए वह लोग अपने घर से कंबल लेकर आ रहे हैं। उन्हें अस्पताल प्रबंधन के द्वारा कंबल उपलब्ध नहीं कराया जाता है। इमरजेंसी वार्ड से लेकर महिला प्रसव वार्ड की पड़ताल में किसी भी मरीज ने इस बात को स्वीकार नहीं किया की उन्हें अस्पताल प्रबंधन के द्वारा कंबल उपलब्ध कराया गया हो। कुछ मरीज अपने घर से भी कंबल लेकर आ रहे हैं।
इमरजेंसी वार्ड में भर्ती एक मरीज की परिजन कृष्णा देवी ने बताया की वह गुरुवार की सुबह से सदर अस्पताल में भर्ती है। उसने बताया कि वह अपने घर से कंबल लेकर आई है। सदर अस्पताल में भर्ती पिंकी भी घर से आए कंबल को ओढ़ी थी। अस्पताल में प्रसव, घटना-दुर्घटना के अलावा विभिन्न रोग के मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाता है। सिजेरियन ऑपरेशन वाली भी 8-10 महिलाएं भर्ती कराई जा रही हैं। यह 7-8 दिन रहती हैं। प्रसूति वाली महिलाएं भी भर्ती की जा रही हैं। किन्हीं को भी कंबल नहीं मिल रहा है। सभी घर से ही कंबल लेकर आते है। इमरजेंसी वार्ड में तो एक वृद मरीज चादर ही ओढकर सोये मिले। पूछने पर बताया की उन्हें कंबल नहीं मिला है। खिड़की से और गेट से आने वाली सर्द हवा के कारण चादर ओढ़कर समय काट रहे है।
सदर अस्पताल में कहीं भी पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं है। मजबूरी में लोग बाहर से खरीदकर पानी पीने को मजबूर हैं। सदर अस्पताल के इमरजेंसी व ओपीडी भवन के बाहर लगा आरओ मशीन भी काफी सालों से खराब है। जिसके कारण मरीजों को बाहर से 20 रूपये लीटर पानी खरीदकर मंगवाना पड़ता है। बता दें कि सदर अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए कायाकल्प कार्यक्रम के तहत वर्षो पहले सुधा डेयरी के द्वारा दो-दो आरओ प्लांट लगाया गया था। इसके तहत एक इमरजेंसी से उत्तर व एक ओपीडी भवन के सामने आरओ प्लांट को चालू किया गया था। लेकिन विडंबना है की कुछ दिनों बाद ही यह खराब हो गया। इसे दुरूस्त भी नहीं कराया जा सका है।
सदर अस्पताल में फिलहाल 85 कंबल उपलब्ध है। अतिरिक्त कंबल की मांग स्वास्थ्य समिति से की गई है। अस्पताल में भर्ती जो मरीज कंबल की मांग करते हैं, उन्हें उपलब्ध कराया जाता है। कंबल की कमी नहीं है।
डॉ. गिरीश कुमार, डीएस, सदर अस्पताल, समस्तीपुर
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