समस्तीपुर में सोना लूटकर पटना में बना रहा था आलीशान मकान, पुलिस ने कुख्यात धरमा को आभूषण व नगद के साथ ऐसे दबोचा

समस्तीपुर : नगर थाने की पुलिस ने चर्चित बैंक ऑफ महाराष्ट्र लूटकांड मामले में फरार चल रहे एक और कुख्यात बदमाश को समस्तीपुर पुलिस ने एसटीएफ के सहयोग से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इससे इस हाईप्रोफाइल लूटकांड मामले में अब तक कुल 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार बदमाश की पहचान वैशाली जिले के विद्दूपर थाना क्षेत्र के मथुरा निवासी रामा सिंह के पुत्र धर्मनाथ सिंह उर्फ धरमा के रूप में की गई है।
इस संबंध में गुरुवार को एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने प्रेस वार्ता का आयोजन कर बताया कि समस्तीपुर पुलिस ने एसटीएफ के सहयोग से धरमा को बीती रात पटना के रामकृष्णानगर थाना क्षेत्र से दबोचा है। कुख्यात धरमा के उपर अलग-अलग थानों में कुल 19 संगीन मामले दर्ज है। वह रामकृष्णानगर में बैंक लूट के रूपये से जमीन खरीदकर आलीशान मकान भी बनवा रहा था। पुलिस उसके संपत्ति को भी जब्त करने की प्रक्रिया में जुट चुकी है।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने धरमा के पास से भारी मात्रा में लूटे गए आभूषण व कैश भी बरामद किया है। पुलिस ने लगभग 45 लाख रुपये मूल्य के 375 ग्राम सोना तथा दो लाख रुपये नकद भी बरामद किए हैं। बरामदगी के बाद पुलिस ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। इस लूटकांड मामले में अब तक 3 किलो 420 ग्राम 186 मिली ग्राम सोना बरामद कर लिया है, जिसका अनुमानित कीमत 3 करोड़ 50 लाख रूपया बताया गया है। उसके पास से सोने का दो पीस हार, सोना का 16 पीस कंगन, सोने का एक पीस ब्रासलेट, सोने का चार पीस चुड़ी, चार गला हुआ सोना, दो लाख नगद रूपये बरामद किया गया है।

गौरतलब है कि 7 मई को शहर के काशीपुर स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा में हथियारबंद बदमाशों ने दिनदहाड़े करीब 10 करोड़ रुपये के आभूषण और 15 लाख रुपये नगद की सनसनीखेज लूट हुई थी। घटना के बाद से पुलिस लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी हुई थी। इस लूटकांड में पुलिस की कार्रवाई अब भी लगातार जारी है। इस लूटकांड मामले में अब तक 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एसपी का कहना है कि फरार अन्य आरोपियों की भी पहचान सुनिश्चित की जा चुकी है और उसकी गिरफ्तारी व बचे हुए सोने की बरामदगी के लिए भी छापेमारी जारी है। उन्होंने बताया कि धरमा सिंह की गिरफ्तारी और बरामद सामान से केस और अधिक मजबूत हो गया है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।

सोना जांचकर्ता और ग्राहक ने मिलकर रची थी लूट की साजिश :
बैंक से सोना व नगद लूट की साजिश अपराधियों ने बैंक के सहयोगी कर्मियों की मदद से की थी। सोने की गुणवत्ता जांचने वाले चेकर और ग्राहक रमेश झा ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। गोल्ड लोन देने के बदले बैंक आफ महाराष्ट्र ने ग्राहकों द्वारा जमा किये जाने वाले सोने की शुद्धता की जांच के लिए अभिषेक गुप्ता की चेकर के रूप में प्रतिनियुक्ति की थी। उसने ही रमेश झा की मदद से बैंक के अंदर रखे आभूषण व सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी अपराधकर्मियों तक पहुंचाई। बदमाशों ने कुल 9.75 किग्रा सोना और 15 लाख रुपये नकदी की लूट की थी।

गिरफ्तार सभी बदमाश हैं पेशेवर, सभी पर दर्जनों मामले दर्ज :
सोना लूट मामले में गिरफ्तार धरमा के उपर अलग-अलग थानों में 19 संगीन मामले दर्ज है। गिरफ्तार अन्य आरोपितों का भी पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। इससे पहले गिरफ्तार इनामी बदमाश कर्मवीर उर्फ धर्मवीर के विरुद्ध 14 कांड, रंधीर कुमार के विरुद्ध 8 कांड, दीपक कुमार उर्फ मुंशी के खिलाफ 8 कांड, अखिलेश राय उर्फ गोलू यादव के खिलाफ 21 कांड व रवीश कुमार के खिलाफ वैशाली, समस्तीपुर और पश्चिम बंगाल के राणाघाट थाना में लूट, डकैती एवं आर्म्स एक्ट सहित कुल 9 कांड दर्ज हैं। इस लूटकांड मामले में अब तक करीब 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है जिसमें महिलाएं भी शामिल है।
प्रेस कांफ्रेंस की वीडियो यहां देखिए :



