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पेपर लीक मामले में बार-बार जुड़ रहा समस्तीपुर का कनेक्शन, कई राज्यों तक फैला है साॅल्वर गैंग का सरगना

समस्तीपुर : प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों में समस्तीपुर जिले का नाम लगातार सामने आता रहा है। एक बार फिर उड़ीसा एसएससी पेपर लीक प्रकरण में जिले से संबंध जुड़ गया है। इस बार खानपुर थाना क्षेत्र के राजमोहन प्रसाद की गिरफ्तारी ने पूरे मामले को नई दिशा दे दी है। राजमोहन का बहनोई विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र के शेरपुर निवासी विजेंद्र गुप्ता पहले से ही एसएससी, नीट, बिहार पुलिस, दरोगा, बीपीएससी शिक्षक भर्ती मामले में पेपर लीक करने को लेकर आरोपित रहा है।

विजेंद्र गुप्ता की गिरफ्तारी उड़ीसा पुलिस ने की दो वर्ष पहले की थी, लेकिन अभी वह बेल पर जेल से बाहर आने पर फिर से अपने साॅल्वर गैंग को सक्रिय कर पेपर लीक मामले को अंजाम दे रहा है। हाल ही में बिहार में आयोजित बीपीएससी शिक्षक टीआरई-3 में भी पेपर लीक मामले को लेकर सुर्खियों में रहा था। बिहार ईओयू की टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई है।

इधर उड़ीसा एसएससी पेपर लीक कांड मामले में राजमोहन प्रसाद की गिरफ्तारी के बाद साॅल्वर गैंग में हलचल तेज है। बताया जा रहा है कि वह पिछले तीन वर्षों से फरार चल रहा था और उसकी तलाश में विभिन्न राज्य की एजेंसियाँ जुटी थीं। निजी कोचिंग संचालकों और कंसल्टेंसी के सहयोग से यह पूरा नेटवर्क संचालित होता था, जिसके तार कई राज्यों तक फैले हुए हैं। उड़ीसा पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम राजमोहन को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर उड़ीसा रवाना हो गई है।

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माना जा रहा है कि राजमोहन से पूछताछ के बाद इस पूरे रैकेट से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। जिले में एक बार फिर ऐसे कांड के उजागर होने से प्रशासन व अभ्यर्थियों के बीच चिंता का माहौल है। पुलिस अब नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान में लगी हुई है।राजमोहन की गिरफ्तारी से देशभर में चल रहे संगठित पेपर लीक रैकेट को बड़ा झटका लगा है। पुलिस का मानना है कि उससे पूछताछ के बाद कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। यह गिरफ्तारी परीक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

टीआरई-4 के लिये छात्र को जुटाने में लगा था राजमोहन :

बताया गया है की राजमोहन की गिरफ्तारी के दो दिन पहले उसका बहनोई विजेंद्र भी समस्तीपुर अपने ससुराल आया हुआ था। लेकिन उड़ीसा क्राइम ब्रांच की छापेमारी से पहले ही वह निकल गया लेकिन उसका साला राजमोहन पुलिस के हत्थे चढ़ गया। मिली जानकारी के अनुसार नई सरकार के गठन के बाद बीपीएससी टीआरई-4 की बहाली प्रक्रिया तेज हो गयी है। विभाग ने जिलों से रिक्तियां मांगी है। बहाली प्रक्रिया शुरू होते ही साॅल्वर गैंग भी सक्रिय हो गये है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजमोहन व विजेंद्र इसी सिलसिले में समस्तीपुर आया हुआ था। ताकी यहां के कोचिंग व कंसल्टेंसी संस्थानों से संपर्क कर वह पैसे के बल पर छात्रों को परीक्षा पास कराने के लिये जुटा सके और इसका रेट तय कर सके। लेकिन राजमोहन की गिरफ्तारी के बाद साॅल्वर गैंग के बीच हड़कंप है। सरकार स्वच्छ परीक्षा आयोजित को लेकर लगातार जुटी हुई है। वहीं बिहार ईओयूकी टीम भी लगातार साॅल्वर गैंगों पर नजर बनाये हुए है।

समस्तीपुर का सिकंदर प्रसाद यादुवेंद्र भी रहा चर्चा में :

वर्ष 2024 के कथित नीट पेपर लीक कांड में बिथान थाना क्षेत्र के पुसहो निवासी सिकंदर प्रसाद यादुवेंद्र का नाम सामने आया था जिसने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया था। हालांकि अप्रैल 2025 में पटना हाई कोर्ट ने कथित रूप से नीट परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक कर परीक्षार्थियों तक पहुंचाने के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे मुख्य अभियुक्त सिकंदर यादवेन्दु को नियमित ज़मानत दी थी। इस मामले में शास्त्रीनगर थाना कांड संख्या- 358/2024 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसमें आठ आरोपियों को नामजद किया गया था। इसमें संजीव मुखिया, सिकंदर यादवेंदु, आयुष राज, रॉकी, अमित आनंद, नीतीश कुमार, बिट्टू और अखिलेश के नाम शामिल थे।

संतोष, रामबाबू मालिक और डॉ. रंजीत का भी समस्तीपुर से जुड़ाव :

इससे पहले उत्तर प्रदेश के लखनऊ में साइबर क्राइम थाना पुलिस के द्वारा बीते 25 नवंबर को नीट परीक्षा माफिया गिरोह के सरगना के साथ समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के प्रेम चौरसिया के पुत्र संतोष कुमार को भी गिरफ्तार गया था। वहीं इसी वर्ष 4 मई को आयोजित नीट की परीक्षा के दौरान शहर के मोहनपुर में समस्तीपुर पुलिस ने कार में बैठे एक एमबीबीएस डॉक्टर समेत दो को गिरफ्तार किया था। सॉल्वर गैंग के दो बदमाश रामबाबू मालिक और डॉ. रंजीत को मुफ्फसिल थाने की पुलिस ने मोहनपुर इलाके से गिरफ्तार किया था।

जांच के दौरान उनके फोन से कई परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड व नगद रूपये मिले थे। पूछताछ में इस गिरोह ने 2014 रांची नीट परीक्षा प्रश्न पत्र लीक की बात कबूल की थी। पूछताछ के दौरान, दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने समस्तीपुर और अन्य स्थानों के विभिन्न परीक्षा केंद्रों में कमजोर उम्मीदवारों की जगह एक्सपर्टो को रखा था ताकि वे अच्छे अंक ला सकें और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पा सकें। हालांकि इस मामले में समस्तीपुर पुलिस दोनों को रिमांड पर नहीं ली और ना ही उन दोनों से पास से बरामद एडमिट कार्ड वाले छात्रों से पूछताछ की।

Avinash Roy

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