DIG डाॅ. स्वप्ना गौतम मेश्राम ने मोबिल गैंग व ATM फ्रॉड गिरोह से लोगों को किया सतर्क

मिथिला प्रक्षेत्र की डीआईजी डॉ. स्वप्ना गौतम मेश्राम ने एटीएम फ्रॉड गिरोह और मोबिल गैंग की बढ़ती गतिविधियों को गंभीरता से लेते हुए आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही प्रक्षेत्र के सभी पुलिस पदाधिकारियों को ऐसे अपराधों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। डीआईजी ने बताया कि एटीएम फ्रॉड गिरोह विशेष तरीके से लोगों को ठगते हैं। ये अपराधी एटीएम मशीन के स्लॉट में गोंद या चिपकने वाला पदार्थ लगा देते हैं, जिससे कार्ड फंस जाता है। फिर मशीन के अंदर कृत्रिम मोबाइल नंबर चिपकाकर ग्राहकों को उसी पर कॉल करने का झांसा देते हैं। मौके पर मौजूद गिरोह के सदस्य ग्राहक का गुप्त कोड (PIN) देखने की कोशिश करते हैं और जैसे ही व्यक्ति बाहर आता है, वे कार्ड निकालकर तुरंत पैसे की निकासी कर लेते हैं।
एटीएम फ्रॉड से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय :
- एटीएम में कोई मौजूद हो तो पहले उसे बाहर निकलवाएं।
- अपना एटीएम PIN किसी को भी न बताएं।
- कार्ड फंसने पर तुरंत बैंक से संपर्क कर कार्ड डी-एक्टिवेट कराएं और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन रोकें।
- एटीएम में चिपकाए गए किसी भी अंजान नंबर पर कॉल न करें।
- ज़रूरत पड़ने पर गार्ड, स्थानीय थाना, डायल-112, या संबंधित एसडीपीओ को सूचना दें।

डीआईजी ने मोबिल गैंग की गतिविधियों पर भी लोगों को आगाह किया। उन्होंने बताया कि यह गिरोह चलती गाड़ी पर मोबिल जैसा पदार्थ छिड़क देता है और चालक को भ्रमित कर नीचे उतारने की कोशिश करता है। जैसे ही चालक व यात्री बाहर आते हैं, गिरोह के सदस्य वाहन में रखे सामान की चोरी कर फरार हो जाते हैं।

मोबिल गैंग से बचाव के सुझाव :
- रास्ते में कोई व्यक्ति गाड़ी से मोबिल गिरने की जानकारी दे तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
- ऐसे मामलों की सूचना स्थानीय थाना, डायल-112 या संबंधित अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को दें।
- चालक नीचे उतरे तो भी गाड़ी में बैठे लोग न उतरें और अपने सामान की निगरानी करें।
डीआईजी डॉ. स्वप्ना गौतम मेश्राम ने कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पुलिस टीमों को ऐसे गिरोहों पर कठोर कार्रवाई और आम लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।





