समस्तीपुर :- इस बार मानसून कमजोर होने से जिले में भी सूखे की स्थिति बनी हुई है। सूखे की स्थिति को देखते हुए सरकार द्वारा किसानों को मदद करने के लिए डीजल अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए किसान आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसकी शुरूआत शुक्रवार से हो चुकी है। जिला पदाधिकारी योगेन्द्र सिंह ने बताया कि इस बार जिले में काफी कम वर्षा हुई है। खरीफ 2022-23 के मौसम में 29 जुलाई तक वर्षापात में सामान्य वर्षा से 52.44 प्रतिशत बारिश की कमी हुई है। इसका प्रभाव धान के आच्छादन पर पड़ा।
इस जिला में धान का लक्ष्य 75 हजार 816 हेक्टेयर निर्धारित है, जबकि अब तक 45 हजार 209.30 हेक्टेयर में ही धान का आच्छादन हो पाया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल सात लाख एक हजार 472 किसान निबंधित है। धान का आच्छादन ससमय करने के लिए कृषि विभाग द्वारा डीजल पंपसेट से सिंचाई के लिए डीजल अनुदान का लाभ किसानों के बैंक खाता में देने की व्यवस्था की गयी है। इसमें क्रय किए गए डीजल पर 60 रुपये की दर से 600 रुपये प्रति एकड़ प्रति सिंचाई का प्रावधान है। सरकार द्वारा जो किसान डीजल पंप सेट से सिचाई कर रहे हैं, उन्हें सिचाई के लिए डीजल की खरीद पर अनुदान दिया जाएगा।
सरकार द्वारा खरीफ फसलों की डीजल पंपसेट से सिचाई के लिए डीजल खरीद पर 60 रुपये प्रति लीटर की दर से 600 रुपए प्रति एकड़, प्रति सिचाई का प्रावधान किया गया है। इसमें अनुदान अधिकतम आठ एकड़ भूमि के लिए दिया जाएगा। इसमें धान बिचड़ा एवं जूट फसल के लिए अधिकतम दो सिचाई के लिए 1200 रुपये प्रति एकड़ और खरीफ फसल में धान, मक्का एवं अन्य खरीफ फसलों के अंतर्गत दलहनी, तिलहनी, मौसमी सब्जी, औषधीय एवं सुगंधित पौधे की अधिकतम तीन सिचाई के लिए 1800 रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जाएगा। इसमें प्रत्येक किसान अधिकतम आठ एकड़ सिचाई के लिए अनुदान ले सकेंगे।
योजना के तहत रैयत एवं गैर रैयत दोनों प्रकार के किसानों को डीजल अनुदान दिया जाएगा। गैर रैयत किसान को सत्यापित करने के लिए संबंधित वार्ड सदस्य एवं कृषि समन्वयक के द्वारा सत्यापित करना होगा। इसके साथ ही किसानों को अधिकृत पेट्रोल पंप से डीजल क्रय के कूपन जिसमें किसान का निबंधन का पंजीकरण संख्या का अंतिम 10 अंक अंकित कराना होगा। इस योजना का लाभ किसान 30 अक्टूबर तक ले सकते हैं।
डीजल अनुदान का लाभ लेने के लिए 29 जुलाई से सिंचाई के लिए क्रय किए गये डीजल के लिए ही अनुदान का लाभ मान्य होगा। किसान बंधु द्वारा आनलाइन आवेदन भरते समय डीजल क्रय संबंधी डिजिटल वाउचर पेट्रोप पंप के द्वारा किसान का निबंधन संख्या दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। संबंधित किसान द्वारा डिजिटल वाउचर पर अपना हस्ताक्षर एवं पूरा नाम अंकित किया जाएगा। हस्ताक्षर नहीं करने की स्थिति में संबंधित पंचायत के कृषि समन्वय के द्वारा आवेदक के अंगूठे की निशान को सत्यापित करने की कार्रवाई की जाएगी। आवेदक द्वारा डिजिटल वाउचर को ही विभागीय पोर्टल पर आवेदन के साथ अपलोड करना होगा।
आवेदन पत्र में किसान द्वारा जिस खेत की सिंचाई के विरुद्ध डीजल अनुदान का दावा किया जाएगा, उस खेत के आसपास खेती करने वाले दो किसानों का नाम भी अंकित किया जाएगा। किसान एक बार में एक अथवा एक से अधिक परंतु अधिकतम सीमा तक पटवन के लिए आवेदन कर सकते है। लेकिन फसलवार अलग-अलग आवेदन करना अनिवार्य होगा। किसानों को तीन श्रेणी स्वयं, बटाईदार एवं स्वयं व बटाईदार में बांटा गया है।
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