‘नर्क से स्वर्ग तक’ पुस्तक से आने वाले आय को बीएड कॉलेज मुहल्ला स्थित हनुमान मंदिर में किया जाएगा दान
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समस्तीपुर :- शहर के बीएड काॅलेज मुहल्ला के रहने वाले सच्चिदानंद वर्मा एवं मंजुला वर्मा के सुपुत्र कौंसिलोर डॉ. युक्तेश्वर कुमार, जो इंग्लैंड में बाथ शहर के पहले एशियाई डिप्टी मेयर के रूप में चुने गए हैं, उन्होने एक चीनी कलाकार के जीवन और काम पर ‘नर्क से स्वर्ग तक’ नामक किताब प्रकाशित की है, जिसका जीवन माओत्से तुंग के चीन के दौरान नरक की तरह था। उन्होंने इस पुस्तक को बेचकर आने वाली राशि का उपयोग बीएड कॉलेज मुहल्ले में स्थित हनुमान मंदिर को दान करने का निर्णय लिया है।
आप इस किताब को ऑनलाइन के माध्यम से लेने के लिए यहां लिंक पर क्लिक कर ऑर्डर कर सकते हैं अथवा मंदिर पर जाकर भी प्राप्त किया जा सकता है। आपको बता दें कि इस पुस्तक की बिक्री से होने वाली सारी आमदनी पूरी तरह से हनुमान मंदिर को दान कर दी जाएगी।
‘नर्क से स्वर्ग तक’ पुस्तक क्या है :
‘नर्क से स्वर्ग तक’ पुस्तक चीन की अति-दयनीय और हिंसक सांस्कृतिक क्रांति (१९६६ -१९७६ ) पर आधारित है। पुस्तक के केंद्र में यूनेस्को के शांति कलाकार हान मेइलिन का भीषण जीवन संघर्ष है जिसका हृदयस्पर्शी चित्रण इस पुस्तक का लेखकीय सौन्दर्य है जिससे द्रवित हुए बिना कोई भी पाठक नहीं रह सकता। चीन में हान साहब और अन्य बुद्धिजीवियों को कैसे प्रताड़ित किया गया, इसकी एक विशद झलक आप इस पुस्तक में देख सकते हैं। मास्टर हान आज के दौर के चीनी कला इतिहास के वास्तविक नायक हैं जिन्होंने मृत्यु से लड़ते हुए जीवन का विजेता बनने का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया है।
पुस्तक लेने की प्रक्रिया :
केवल २५० रुपये में पुस्तक को अमेजन से सीधे खरीदने का ऑफर है।

