National

मोदी के हनुमान भी पलटी मार गये? चिराग पासवान ने BJP सरकार के फैसले का किया खुला विरोध

यहां क्लिक कर हमसे व्हाट्सएप पर जुड़े

पिछले कई सालों से खुद को नरेंद्र मोदी का हनुमान बताते आ रहे चिराग पासवान भी पलटी मार गये हैं? चिराग पासवान ने आज बीजेपी सरकार के फैसले का खुला विरोध कर दिया. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा-मैं जाति या धर्म के आधार पर विभाजन वाले किसी फैसले का समर्थन नहीं कर सकता.

योगी सरकार के फैसले का विरोध

दरअसल ये मामला उत्तर प्रदेश का है. सावन का महीना शुरू होने वाला है औऱ इस महीने में कांवड़ यात्रा होने वाली है. यूपी सरकार ने ये फैसला लिया है कि कांवड़ यात्रा के रूट पर दुकानदारों को अपना नाम लिखना होगा. यूपी की बीजेपी सरकार के इस फैसले का उसकी सहयोगी पार्टियां ही विरोध करने लगी हैं. पहले जेडीयू ने इसका विरोध किया और अब चिराग पासवान भी मैदान में उतर आये हैं. एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने योगी सरकार के फैसले को गलत ठहराया है.

चिराग पासवान ने कहा कि मैं 21वीं सदी का शिक्षित युवा हूं और मेरी लड़ाई जातिवाद और सांप्रदायिकता के खिलाफ है. मैं अपने राज्य के पिछड़ेपन के लिए इसी कारण को जिम्मेदार मानता हूं. जहां कहीं भी जाति और धर्म के आधार पर विभाजन है, मैं न तो उसका समर्थन करूंगा और न ही उसे बढ़ावा दूंगा और मुझे नहीं लगता कि मेरी उम्र के किसी अन्य शिक्षित युवा के लिए ऐसी चीजें मायने रखती हैं, चाहे वह किसी भी जाति और धर्म से संबंधित हो.

बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में सबसे पहले पुलिस प्रशासन ने निर्देश दिया था कि कांवड़ रूट पर पड़ने वाली दुकानों पर दुकानदारों के नामों का बोर्ड लगवाना होगा. इसके बाद शामली और सहारनपुर जिले में भी ठीक ऐसा ही निर्देश दिया गया. पुलिस प्रशासन के आदेश के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी कहा था कि प्रदेशभर में कांवड़ रूट पर खाने-पीने की दुकानों के मालिक का नाम पहचान लिखना होगा. यूपी के मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रियों की आस्था की शुद्धता बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है. यूपी सरकार ने इसके अलावा हलाल सर्टिफिकेशन वाले प्रोडक्ट्स बेचने वालों पर भी कार्रवाई की बात कही है.

यूपी सरकार के इस फैसले पर सपा, बसपा, कांग्रेस जैसे विपक्षी दलों ने इसका विरोध जताया है. अखिलेश यादव ने बीजेपी को सामाजिक सद्धाव का दुश्मन करार दिया है. वहीं, मायावती ने भी इस आदेश को वापस लेने की मांग की थी. लेकिन सरकार अपना फैसला वापस लेने को तैयार नहीं है.

अब बीजेपी की सहयोगी पार्टियां भी इसका विरोध करने लगे हैं. गुरूवार को चिराग पासवान ने इसे गलत करार दिया. इससे पहले जेडीयू ने कहा कि इस फैसले को वापस लिया जाना चाहिये. जेडीयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा है कि सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने वाला कोई भी आदेश नहीं जारी किया जाना चाहिए. वहीं, उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सहयोगी पार्टी आरएलडी के प्रदेश अध्यक्ष रामाशीष राय ने कहा है कि उत्तर प्रदेश प्रशासन का दुकानदारों को अपनी दुकानों पर नाम और धर्म लिखने का निर्देश देना जाति और संप्रदाय को बढ़ावा देने वाला कदम है. इसे वापस लिया जाना चाहिये.

Avinash Roy

Recent Posts

मुख्यमंत्री के समृद्धि यात्रा के दौरान छात्र संगठन AISA ने जुलूस-प्रदर्शन कर सौंपा स्मार-पत्र

समस्तीपुर : मुख्यमंत्री के समृद्धि यात्रा के दौरान छात्र संगठन आइसा कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला।…

10 मिनट ago

समस्तीपुर में CM नीतीश की यात्रा को लेकर चाक-चौबंद रही सुरक्षा व्यवस्था, कार्यक्रम स्थल पर बनाया गया था अस्थायी थाना

समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले में सीएम की समृद्धि यात्रा कई मायनों में यादगार रही। खासकर…

10 घंटे ago

हकीमाबाद में निर्माणाधीन पुल को अगस्त तक शुरू करने और पटेल मैदान में नये स्टेडियम निर्माण को लेकर DPR तैयार करने का CM ने दिया निर्देश

समस्तीपुर : हाउसिंग बोर्ड मैदान में अधिकारियों के साथ सीएम नीतीश कुमार ने समीक्षा बैठक…

12 घंटे ago

समस्तीपुर में CM नीतीश बोले- “केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार में विकास को नई गति मिल रही”

समस्तीपुर : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्धि यात्रा के दौरान गुरुवार को समस्तीपुर जिले को…

13 घंटे ago

सहकारिता विभाग के अपर सचिव पहुंचे समस्तीपुर जिला केंद्रीय सहकारी बैंक, कार्यों की प्रगति कि समीक्षा की

समस्तीपुर : सहकारिता विभाग के अपर सचिव अभय कुमार सिंह ने गुरुवार को जिला केंद्रीय…

13 घंटे ago

समस्तीपुर पहुंचे NBPDCL के एमडी, पावर ग्रिड व उपकेंद्र का किया निरीक्षण

समस्तीपुर : समृद्धि यात्रा के दौरान नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एनबीपीडीसीएल) एवं बिहार…

13 घंटे ago