सोने और चांदी ने तोड़ा इतिहास: पहली बार गोल्ड 1.60 लाख पार, चांदी ने भी बनाए नए रिकॉर्ड

भारतीय सर्राफा बाजार में बुधवार को एक नया इतिहास दर्ज हुआ। सोने की कीमतों ने पहली बार 1,60,000 रुपये प्रति 10 ग्राम का लेवल पार कर दिया। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमतों में एक ही दिन में 5,734 रुपये की बढ़त देखने को मिली। एक दिन पहले जहां 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 1,58,901 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, वहीं आज यह 1,64,635 रुपये के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गई। निवेशकों और खरीदारों में इस अचानक बढ़त को लेकर हलचल मची हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोने के बढ़ते दाम निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं और सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुझान बढ़ा है।
चांदी ने भी किया कमाल
सिर्फ सोना ही नहीं बल्कि चांदी की कीमतों ने भी सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बुधवार को चांदी ने 13,703 रुपये की तेजी के साथ 3,58,267 रुपये प्रति किलो का नया स्तर छू लिया। पिछले कारोबारी दिन चांदी 3,44,564 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।चांदी के इस उछाल ने निवेशकों के लिए भी अवसर पैदा किया है। इसके अलावा, सोने और चांदी दोनों में आई तेजी ने जेवरात और निवेश दोनों क्षेत्रों को प्रभावित किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी में इस तेजी के पीछे वैश्विक बाजार की मांग और अमेरिकी डॉलर में स्थिरता मुख्य वजह है।

शहरवार गोल्ड-सिल्वर भाव
देश के बड़े शहरों में आज सोने और चांदी के भाव में भारी अंतर देखा गया। दिल्ली में चांदी का भाव 3,80,000 रुपये प्रति किलो, चेन्नई में 4,00,000 रुपये, बेंगलुरु में 3,80,000 रुपये, जबकि मुंबई में चांदी का भाव 80,000 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया।सोने के दाम भी शहरों के हिसाब से भिन्न हैं, लेकिन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद सभी बाजारों में तेजी का प्रभाव दिखा। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की स्थिति पर नजर रखें और जल्दबाजी में निवेश करने से बचें।

तेजी के पीछे की वजहें और आगे का रुख
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका से जारी टैरिफ खबरों और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में बदलाव की कम संभावनाओं ने सोने और चांदी की कीमतों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ग्लोबल मार्केट में भी सोना 5,287 डॉलर प्रति औंस और चांदी 112 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई है। विशेषज्ञ आगे बता रहे हैं कि सोने के लिए 1,66,000 रुपये एक बड़ा स्तर है, जबकि 1,60,000 रुपये पर मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। इस तूफानी तेजी के बाद निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है क्योंकि बाजार में उतार-चढ़ाव संभव है।





