बिहार के तीन वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी (ग्रामीण एसपी) के स्थानांतरण का फर्जी पत्र बना कर वायरल करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में भोजपुर के पीरो अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कार्यालय में तैनात रीडर को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके साथ ही पीरो के एसडीपीओ कृष्ण कुमार सिंह को हटाते हुए उनको पुलिस मुख्यालय में क्लोज कर दिया गया है। गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार सिंह ने पुलिस विभाग के कार्यक्रम के दौरान सीएम सम्राट चौधरी के सामने इसका खुलासा किया था।
गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव के अनुरोध और डीजीपी के आदेश पर पटना साइबर थाने की पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। पीरो एसडीपीओ के रूप में फिलहाल साइबर क्राइम थाना भोजपुर के डीएसपी स्नेह सेतु को तैनात किया गया है। गिरफ्तार रीडर से पूछताछ की जा रही है। यह मामला मंगलवार को तीन आईपीएस अधिकारियों(ग्रामीण एसपी) के फर्जी स्थानांतरण पत्र जारी करने से जुड़ा हुआ है। यह पत्र वायरल होने के बाद गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी को इसकी जानकारी मिली। उन्होंने इस पत्र की जानकारी डीजीपी विनय कुमार को दी और उनसे कार्रवाई का आग्रह किया। इसके बाद पटना के साइबर थाने में प्राथमिक दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की जांच के दौरान तकनीकी अनुसंधान में पता चला कि यह पत्र पीरो (भोजपुर) के एसडीपीओ कार्यालय में तैयार किया गया है। इसके बाद साइबर थाने की पुलिस ने गुरुवार की शाम कार्रवाई करते हुए रीडर को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में एसडीपीओ की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। इसको देखते हुए बिहार पुलिस मुख्यालय के स्तर पर उनका तबादला आदेश जारी किया गया है। गौरतलब है कि गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने गुरुवार को पुलिसकर्मियों के आश्रितों को चेक से सहायता राशि वितरण समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के समक्ष भी इस पूरे मामले की जानकारी दी थी।
गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव के अनुरोध और डीजीपी के आदेश पर पटना साइबर थाने की पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। यह मामला मंगलवार को तीन आईपीएस अधिकारियों के फर्जी स्थानांतरण पत्र जारी करने से जुड़ा हुआ है। पत्र वायरल होने के बाद गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी को इसकी जानकारी मिली। उन्होंने इस पत्र की जानकारी डीजीपी विनय कुमार को दी और उनसे कार्रवाई का आग्रह किया। इसके बाद पटना के साइबर थाने में प्राथमिक दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान तकनीकी अनुसंधान में पता चला कि यह पत्र पीरो (भोजपुर) के एसडीपीओ कार्यालय में तैयार किया गया है। इसके बाद साइबर थाने की पुलिस ने गुरुवार की शाम कार्रवाई करते हुए रीडर को गिरफ्तार कर लिया।
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