बिहार : शीतला माता मंदिर में भगदड़ के बाद ऐक्शन, 20 लोगों पर केस; पंडा समिति के 4 सदस्य अरेस्ट

नालंदा के शीतला मंदिर में हुई भगदड़ के बाद अब बड़ा ऐक्शन लिया गया है। मंगलवार को हुई इस भगदड़ में 8 महिलाओं की मौत हो गई थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अब इस मामले में पंडा समिति के 20 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि पंडा समिति के 4 सदस्यों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। 16 अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया है और फिर यह बड़ी कार्रवाई की गई है।
जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें – अनूप पांडे. अवधेश मिश्रा, विवेकानंद पांडे और निरंजन पांडे शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस केस में 20 नामजद लोगों पर केस दर्ज किया गया है। कहा जा रहा है कि समिति के सदस्यों ने संभावित भीड़ की आशंका को देखते हुए पहले से पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी थी।

जिन 20 लोगों पर केस दर्ज किया गया है वो सभी मघड़ा गांव के ही रहने वाले हैं। मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा जा रहा है कि घटना से पहले सभी लोग मंदिर में मौजूद थे। मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि मंदिर के पीछे वाली गेट से लोगों को अंदर लाने की कोशिश की जा रही थी जिसकी वजह से भीड़ अनियंत्रित हो गई थी और फिर बड़ी घटना हो गई थी। कहा जा रहा है कि घटना के बाद से पंडा समिति के सभी सदस्य कहीं नजर नहीं आए थे।

मौत के बाद SHO सस्पेंड
मघड़ा स्थित शीतला मंदिर में 8 श्रद्धालुओं की मौत के बाद पुलिस महकमे में भी बड़ी कार्रवाई हुई है। लापरवाही और कुव्यवस्था के आरोप में दीपनगर थाना प्रभारी राजमणि को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। घटनास्थल का मुआयना करने पहुंचे बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने मंदिर प्रबंधन और स्थानीय पुलिस, दोनों की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा किया था। उन्होंने दो टूक कहा था कि मंदिर प्रबंधन का ध्यान सिर्फ श्रद्धालुओं से दान और दक्षिणा वसूलने पर था, जबकि 25-30 हजार की भारी भीड़ के लिए न तो पेयजल की व्यवस्था थी और न ही कोई आपातकालीन चिकित्सा केंद्र बनाया गया था।

एंबुलेंस आधा तो पुलिस एक घंटा बाद पहुंची
मंदिर परिसर में भगदड़ के बाद स्थानीय लोगों ने सदर अस्पताल और दीपनगर थाना को फोन कर घटना की सूचना दी। लोगों का आरोप है कि एंबुलेंस आधा घंटा तो पुलिस करीब एक घंटा बाद मौके पर पहुंची। उससे पहले स्थानीय लोगों व परिजनों की मदद से पांच शवों को ई-रिक्शा से अस्पताल पहुंचाया गया।

एनएच 33, बिहारशरीफ-एकंगरसराय मार्ग से करीब आधा किलोमीटर की दूरी पर मंदिर है। मंदिर तक जाने वाला यह मार्ग काफी संकरा है। इस वजह से घटनास्थल पर एंबुलेंस पहुंचने में काफी समय लगा। कई लोगों को ई-रिक्शा पर लादकर अस्पताल भेजा गया। हादसे के बाद गांव के युवकों ने तत्परता से राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया।

हादसे के बाद बड़ी संख्या में पहुंची पुलिस
हादसे के बाद प्रशासन की नींद खुली। मंदिर के पास बड़ी संख्या में अधिकारियों व पुलिस की तैनाती की गयी। एसपी भारत सोनी खुद इसका नेतृत्व कर रहे थे। भगदड़ में छूटे लोगों के सामान व पूजा सामग्री की सफाई की गयी। एसडीआरएफ की टीम बुलायी गयी। एफएसएल की टीम ने भी घटनास्थल की जांच की। अस्पताल परिसर को भी छावनी में तब्दील कर दिया गया।

