हम इ सब कुछ नहीं जानते, क्या बने हैं; पर्यावरण संरक्षण समिति का सदस्य बनने पर बोले अनंत सिंह

बिहार की मोकामा विधानसभा सीट से जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक अनंत सिंह अक्सर अपने बेबाक अंदाज और बातों को लेकर चर्चा में रहते हैं। अब एक बार फिर अनंत सिंह ने कुछ ऐसा ही अजीबोगरीब बयान दिया है जिसकी खूब चर्चा हो रही है। दरअसल जदयू विधायक हाल ही में पर्यावरण संरक्षण समिति के सदस्य बने हैं। लेकिन जब उनसे समिति का सदस्य बनने को लेकर सवाल पूछा गया तब अनंत सिंह ने दो टूक में कह दिया कि वो ये सब कुछ नहीं जानते हैं।
दरअसल पटना में पत्रकारों ने अनंत सिंह से पूछा कि अब वो पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण समिति के सदस्य बन गए हैं तो पर्यावरण को बचाने के लिए वो क्या काम करेंगे। इसपर जदयू विधायक ने कहा, ‘इ सब हम नहीं जानते हैं कि क्या बने हैं, नहीं बने हैं। हम ये सब नहीं जानते हैं।’ आपको बता दें कि बिहार विधानसभा की 20 विभिन्न कमेटियों का गठन किया गया है। मंगलवार को विस अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने गठन को हरी झंडी दे दी। इन कमेटियों का कार्यकाल वर्ष 2026-27 के लिए होगा। इसमें मोकामा के एमएलए अनंत कुमार सिंह को पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण समिति का सदस्य बनाया गया है।


समिति का महत्व
’पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण समिति’ का काम राज्य में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाना और पर्यावरण नीतियों की समीक्षा करना होता है। ऐसे में एक सदस्य का इस तरह का बयान समिति की गंभीरता पर सवालिया निशान खड़ा करता है। अनंत सिंह का बयान विधायी जवाबदेही (Legislative Accountability) की कमी को दर्शाता है। यदि समिति के सदस्य को अपनी जिम्मेदारी का ही ज्ञान नहीं होगा, तो वह प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कामकाज की समीक्षा कैसे करेंगे या सरकार को नीतिगत सुझाव कैसे देंगे?

अनंत सिंह के अलावा राजद के बागी विधायक फैसल रहमान को गैर सरकारी विधेयक एवं संकल्प समिति का, जबकि कांग्रेस के मनोहर सिंह को प्रत्यायुक्त विधान समिति का सभापति बनाया गया है। इसके अलावा ज्योति देवी को पुस्तकालय समिति, जनक सिंह को याचिका समिति, दामोदर रावत को राजकीय आश्वासन समिति, अमरेन्द्र पांडेय को प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण समिति, शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल को जिला परिषद् एवं पंचायती राज समिति का सभापति बनाया गया है।

संतोष निराला को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति, सिद्धार्थ सौरव को निवेदन समिति, अश्वमेध देवी को महिला एवं बाल विकास समिति, संजीव चौरसिया को आचार समिति का सभापति बनाया गया है। वहीं, अवधेश सिंह को पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण समिति, अख्तरूल ईमान को अल्पसंख्यक कल्याण समिति, मनोरंजन सिंह को पर्यटन उद्योग संबंधी समिति, माधव आनंद को शून्यकाल समिति, रेणु देवी को बिहार विरासत विकास समिति और निशा सिंह कारा सुधार समिति की सभापति होंगी।




