पटना समेत बिहार के 6 जिलों में एक साथ ब्लैकआउट होने वाला है। मई महीने के तीसरे सप्ताह में यह ब्लैकआउट कराया जाएगा। इसके तहत निर्धारित तारीख को तय समय पर एक साथ सार्वजनिक स्थानों पर सायरन बजाए जाएंगे। फिर पूरे शहर की बिजली काट दी जाएगी। आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने सभी 6 जिलों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। यह ब्लैकआउट पटना, बेगूसराय, किशनगंज, पूर्णिया, अररिया और कटिहार में किया जाएगा।
क्यों होगा ब्लैकआउट?
दरअसल, यह ब्लैकआउट मॉक ड्रिल के तहत आयोजित किया जाना है। दुश्मनों के हवाई हमले से लोगों को बचाने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग की यह सुरक्षात्मक मॉक ड्रिल होगी। युद्ध और हमले जैसी आपात स्थिति में इस तरह के ब्लैकआउट किए जाते हैं।
साल में दो बार ब्लैकआउट
आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में कहा कि नागरिक सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने साल में कम से कम दो बार मॉक ड्रिल का आयोजन करने का निर्देश दे रखा है। पिछले अभ्यास में पटना समेत दूसरे कई जिलों का उत्कृष्ट प्रदर्शन पाया गया था।
रात में होगा अंधेरा, तारीख अभी तय नहीं
उन्होंने बताया कि निर्धारित तिथि और समय पर एक साथ सायरन बजाए जाएंगे। मई महीने के तीसरे सप्ताह में इसका आयोजन होगा, तारीख अभी तय नहीं की गई है। मॉक ड्रिल का आयोजन रात के समय में ही किया जाएगा।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुआ था ब्लैकआउट
पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी इस तरह की मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया था। 7 मई 2025 को पटना, बेगूसराय, पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज में तय समय पर सायरन बजाए गए थे। फिर पावर कट कर दिया गया था। इससे इन शहरों में अंधेरा छा गया था।
उस दौरान, प्रशासन ने लोगों से गाड़ियों की हेडलाइट बंद करने, इन्वर्टर से लाइट ना जलाने और मोबाइल या टॉर्च ऑन नहीं करने की भी अपील की थी। इक्का-दुक्का जगहों को छोड़कर बिहार में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल सफल रही थी।
6 जिलों में ही ब्लैकआउट क्यों?
बिहार के जिन 6 जिलों का मॉक ड्रिल के लिए चयन किया गया है, वह हवाई हमलों के दौरान सबसे संवेदनशील माने जाते हैं। सूबे की राजधानी होने के चलते पटना में मुख्यमंत्री, राज्यपाल, समेत कई मंत्रियों, विधायकों, अधिकारियों और माननीयों के आवास एवं कार्यालय हैं। बेगूसराय में बरौनी रिफाइनरी है। वहीं, बाकी चारों जिले पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज और अररिया बांग्लादेश एवं नेपाल की सीमा से करीब स्थित होने के चलते संवेदनशील माने जाते हैं।
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