3 दिन में नहीं मिला बिजली कनेक्शन तो अफसर रोज भरेंगे 1000 जुर्माना, नीतीश सरकार का बड़ा फैसला

बिहार में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक ऐसी खबर आई है, जिसे सुनकर आम जनता राहत की सांस लेगी। अक्सर देखा जाता है कि नए बिजली कनेक्शन के लिए लोग हफ्तों और महीनों तक दफ्तरों के चक्कर काटते रहते हैं, लेकिन अब नीतीश सरकार ने इस पर लगाम कसने के लिए एक बेहद सख्त और ऐतिहासिक फैसला लिया है। राज्य में करीब 19 साल बाद ‘बिजली आपूर्ति संहिता’ में ऐतिहासिक बदलाव किया गया है। इस नए नियम के तहत अगर किसी अधिकारी ने नए बिजली कनेक्शन, मीटर बदलने या बिजली से जुड़ी किसी भी सेवा में तय समय से ज्यादा की देरी की, तो उसे अपनी जेब से ₹1000 प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना भरना होगा।
अधिकारियों की मनमानी पर लगेगा जुर्माना
बिहार सरकार ने बिजली सेवाओं में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय कर दी है। अब अगर कोई अधिकारी तय समय सीमा के भीतर नया कनेक्शन नहीं देता है, तो उसे अपनी जेब से भारी जुर्माना भरना होगा। यह जुर्माना ₹1,000 प्रतिदिन के हिसाब से तय किया गया है। यानी जितनी देर होगी, अधिकारी की जेब उतनी ही ढीली होगी।


बिहार सरकार ने इसके लिए कुछ सख्त नियम बनाए हैं। यदि आप शहर में रहते हैं, तो आवेदन के मात्र 3 दिनके भीतर आपको नया बिजली कनेक्शन मिलना अनिवार्य है। वहीं, अन्य शहरी क्षेत्रों या टाउनशिप के लिए यह समय-सीमा 7 दिन तय की गई है। जबकि गाँवों में इंफ्रास्ट्रक्चर की चुनौतियों को देखते हुए यह समय 15 दिन रखा गया है।

उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत
जेडीयू (JDU) ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए इस जानकारी को साझा किया है। सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का मानना है कि इस कदम से बिजली सेवाओं में भ्रष्टाचार कम होगा और काम की रफ्तार बढ़ेगी। अगर तय समय के बाद भी कनेक्शन नहीं मिलता, तो चौथे दिन से ही जुर्माना लगना शुरू हो जाएगा और वह भी रोजाना के हिसाब से।




