Bihar

नीतीश चले दिल्ली, दांव पर लगा BJP और JDU का जातीय समीकरण; सेट हो रहा बिहार का नया पावर गेम

&NewLine;<&excl;-- WP QUADS Content Ad Plugin v&period; 2&period;0&period;99 -->&NewLine;<div class&equals;"quads-location quads-ad1" id&equals;"quads-ad1" style&equals;"float&colon;none&semi;margin&colon;0px&semi;">&NewLine;&NewLine;<&sol;div>&NewLine;<p><img class&equals;"alignnone size-full wp-image-208240" src&equals;"https&colon;&sol;&sol;www&period;samastipurtown&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2026&sol;02&sol;IMG-20260212-WA0118&period;jpg" alt&equals;"" width&equals;"1280" height&equals;"641" &sol;><&sol;p>&NewLine;<p>अगले महीने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरों के साथ ही राज्य की राजनीति एक बड़े और अहम बदलाव की ओर बढ़ रही है। यह बदलाव महज एक सामान्य नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा&comma; बल्कि इसके जरिए बिहार में सत्ता का एक नया ताना-बाना बुना जाएगा। अगला मुख्यमंत्री कौन होगा&comma; यह पूरी तरह से जातीय समीकरण&comma; सहयोगी दलों के वर्चस्व और भविष्य की चुनावी रणनीतियों पर निर्भर करेगा।<&sol;p>&NewLine;<&excl;-- WP QUADS Content Ad Plugin v&period; 2&period;0&period;99 -->&NewLine;<div class&equals;"quads-location quads-ad1" id&equals;"quads-ad1" style&equals;"float&colon;none&semi;margin&colon;0px&semi;">&NewLine;&NewLine;<&sol;div>&NewLine;&NewLine;<h6><strong>निशांत कुमार की अहम भूमिका होगी&quest;<&sol;strong><&sol;h6>&NewLine;<p>नई सरकार के ढांचे में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को कोई बड़ी और प्रमुख जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। यह कदम इस बात का संकेत होगा कि भले ही कार्यकारी सत्ता में बदलाव हो रहा हो&comma; लेकिन नीतीश कुमार ने दशकों से जो अपना सामाजिक जनाधार और वोट बैंक तैयार किया है&comma; उसकी कमान उनके परिवार के पास ही रहेगी।<&sol;p>&NewLine;<p><img class&equals;"alignnone size-full wp-image-208938" src&equals;"https&colon;&sol;&sol;www&period;samastipurtown&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2026&sol;03&sol;file&lowbar;000000000dd872088f708313ac98daed&period;jpg" alt&equals;"" width&equals;"1075" height&equals;"676" &sol;><&sol;p>&NewLine;<h6><strong>&&num;8216&semi;लव-कुश&&num;8217&semi; समीकरण को साधे रखने की चुनौती<&sol;strong><&sol;h6>&NewLine;<p>ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक&comma; सत्ता के इस पूरे हस्तांतरण के केंद्र में &&num;8216&semi;लव-कुश&&num;8217&semi; &lpar;कुर्मी-कोइरी&sol;कुशवाहा&rpar; वोट बैंक को बनाए रखने की जद्दोजहद है। यह वही गठजोड़ है जिसने पिछले लगभग दो दशकों से नीतीश कुमार की राजनीति को मजबूती दी है। इस जातीय संतुलन में किसी भी तरह की छेड़छाड़ बिहार की नाजुक जातीय राजनीति को बिगाड़ सकती है। यही कारण है कि नए नेतृत्व ढांचे में- चाहे वह मुख्यमंत्री का पद हो या उपमुख्यमंत्री का&&num;8230&semi; किसी कुर्मी या कोइरी चेहरे का होना बेहद जरूरी माना जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;<p><img class&equals;"alignnone size-full wp-image-208849" src&equals;"https&colon;&sol;&sol;www&period;samastipurtown&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2026&sol;03&sol;IMG-20260301-WA0115&period;jpg" alt&equals;"" width&equals;"1120" height&equals;"560" &sol;> &NewLine;&NewLine;<&excl;-- WP QUADS Content Ad Plugin v&period; 2&period;0&period;99 -->&NewLine;<div class&equals;"quads-location quads-ad1" id&equals;"quads-ad1" style&equals;"float&colon;none&semi;margin&colon;0px&semi;">&NewLine;&NewLine;<&sol;div>&NewLine; &NewLine;<&sol;p>&NewLine;<p><img class&equals;"alignnone size-full wp-image-189281" src&equals;"https&colon;&sol;&sol;www&period;samastipurtown&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2025&sol;02&sol;paid-hero-ad-20250215&lowbar;123933-1-scaled&period;webp" alt&equals;"" width&equals;"2560" height&equals;"800" &sol;><&sol;p>&NewLine;<h6><strong>&&num;8216&semi;लव-कुश&&num;8217&semi; समीकरण कैसे बना नीतीश कुमार का अभेद्य किला<&sol;strong><&sol;h6>&NewLine;<p>&&num;8216&semi;लव-कुश&&num;8217&semi; बिहार की दो प्रमुख ओबीसी जातियों- कुर्मी और कोइरी &lpar;कुशवाहा&rpar; का राजनीतिक गठजोड़ है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार&comma; ये दोनों जातियां खुद को भगवान राम के बेटों &&num;8216&semi;लव&&num;8217&semi; और &&num;8216&semi;कुश&&num;8217&semi; का वंशज मानती हैं। कुर्मी जाति &&num;8216&semi;लव&&num;8217&semi; की और कोइरी जाति &&num;8216&semi;कुश&&num;8217&semi; की वंशज मानी जाती है। 90 के दशक में बिहार की सत्ता पर लालू प्रसाद यादव का एकछत्र राज था&comma; जो M-Y &lpar;मुस्लिम-यादव&rpar; समीकरण पर टिका था। 1994 में नीतीश कुमार ने लालू के &&num;8216&semi;यादव वर्चस्व&&num;8217&semi; से अलग होकर अपनी नई राह &lpar;समता पार्टी&rpar; चुनी। नीतीश खुद कुर्मी जाति से आते हैं। उन्हें एहसास था कि बिना एक मजबूत वोट बैंक के लालू को हराना नामुमकिन है। उन्होंने कुर्मी और कोइरी &lpar;कुशवाहा&rpar; जातियों को एक मंच पर लाया। यह दोनों जातियां खेती-किसानी से जुड़ी हैं और इनका स्वभाव व सामाजिक स्तर काफी मिलता-जुलता है। बिहार की आबादी में लव-कुश का हिस्सा लगभग 10-12&percnt; है। यह वोट बैंक पिछले दो दशकों से नीतीश कुमार के साथ मजबूती से खड़ा है। जब यह 12&percnt; वोट BJP &lpar;सवर्ण &plus; वैश्य&rpar; या RJD &lpar;मुस्लिम &plus; यादव&rpar; के वोट बैंक में जुड़ता है&comma; तो यह किसी भी गठबंधन को सत्ता के शिखर पर पहुंचा देता है।<&sol;p>&NewLine;<p><img class&equals;"alignnone size-full wp-image-180454" src&equals;"https&colon;&sol;&sol;www&period;samastipurtown&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2024&sol;09&sol;IMG-20240904-WA0139&period;jpg" alt&equals;"" width&equals;"1024" height&equals;"568" &sol;><&sol;p>&NewLine;<h6><strong>बीजेपी की रणनीति और सम्राट चौधरी की दावेदारी<&sol;strong><&sol;h6>&NewLine;<p>इस ताजा बदलाव में बीजेपी की ओर से सम्राट चौधरी एक अहम कड़ी साबित हो सकते हैं। बीजेपी के प्रमुख ओबीसी चेहरे के रूप में&comma; नई कैबिनेट में उनकी स्थिति और सत्ता संतुलन में उनकी भूमिका पर सबकी नजरें टिकी होंगी। बीजेपी के अंदरखाने यह मांग भी जोर पकड़ रही है कि इस बार मुख्यमंत्री उनकी अपनी पार्टी से होना चाहिए। पार्टी की प्राथमिकता किसी ऐसे ओबीसी नेता को कमान सौंपने की है जिसकी संगठनात्मक जड़ें मजबूत हों। यह सोच सम्राट चौधरी के अलावा अन्य विकल्पों के दरवाजे भी खोलती है।<&sol;p>&NewLine;<p><img class&equals;"alignnone size-full wp-image-205819" src&equals;"https&colon;&sol;&sol;www&period;samastipurtown&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2025&sol;12&sol;FB-ADD-scaled&period;jpg" alt&equals;"" width&equals;"2560" height&equals;"1683" &sol;><&sol;p>&NewLine;<h6><strong>&&num;8216&semi;मंडल बनाम कमंडल&&num;8217&semi; और क्षेत्रीय राजनीति का प्रभाव<&sol;strong><&sol;h6>&NewLine;<p>यह फैसला केवल बिहार तक सीमित नहीं रहेगा&comma; बल्कि इसका असर व्यापक वैचारिक और क्षेत्रीय राजनीति पर भी पड़ेगा। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी चुनावों को देखते हुए&comma; पटना में लिया गया नेतृत्व का फैसला पूरे क्षेत्र में एक बड़ा राजनीतिक संदेश देगा। बिहार की राजनीति लंबे समय से &&num;8216&semi;मंडल&&num;8217&semi; &lpar;पिछड़ी जातियों के वर्चस्व&rpar; से प्रभावित रही है&comma; जबकि बीजेपी को &&num;8216&semi;कमंडल&&num;8217&semi; की राजनीति से जोड़कर देखा जाता है। हालिया यूजीसी विवाद के बाद जातीय संवेदनशीलता और भी बढ़ गई है&comma; इसलिए हर कदम फूंक-फूंक कर रखा जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;<p><img class&equals;"alignnone size-full wp-image-141100" src&equals;"https&colon;&sol;&sol;www&period;samastipurtown&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2023&sol;01&sol;nitish-kumar-lalu-prasad-yadav-pti-01&period;jpeg" alt&equals;"" width&equals;"760" height&equals;"443" &sol;><&sol;p>&NewLine;<p>गौरतलब है कि &&num;8216&semi;मंडल बनाम कमंडल&&num;8217&semi; 1990 के दशक की वह वैचारिक लड़ाई है जिसने न सिर्फ बिहार&comma; बल्कि पूरे उत्तर भारत की राजनीति की दिशा बदल दी। इसका संदर्भ &&num;8216&semi;मंडल आयोग&&num;8217&semi; से है&comma; जिसने सरकारी नौकरियों में ओबीसी के लिए 27&percnt; आरक्षण की सिफारिश की थी। 1990 में वी&period;पी&period; सिंह की सरकार ने इसे लागू किया। इसने पिछड़ी जातियों में राजनीतिक चेतना जगाई। लालू प्रसाद यादव&comma; नीतीश कुमार&comma; रामविलास पासवान और मुलायम सिंह यादव इसी &&num;8216&semi;मंडल लहर&&num;8217&semi; यानी सामाजिक न्याय की राजनीति की उपज हैं। इनका मूल उद्देश्य सवर्णों के राजनीतिक वर्चस्व को तोड़ना था।<&sol;p>&NewLine;<p><img class&equals;"alignnone size-full wp-image-199874" src&equals;"https&colon;&sol;&sol;www&period;samastipurtown&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2025&sol;08&sol;IMG-20250821-WA0010&period;jpg" alt&equals;"" width&equals;"1280" height&equals;"768" &sol;><&sol;p>&NewLine;<h6><strong>सत्ता का नया फॉर्मूला&colon; दलित प्रतिनिधित्व और पद बंटवारा<&sol;strong><&sol;h6>&NewLine;<p>पटना के सियासी गलियारों में यह भी चर्चा तेज है कि नई व्यवस्था में दलित समुदाय को मजबूत प्रतिनिधित्व देने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। सरकार में एक से अधिक उपमुख्यमंत्री बनाने के फॉर्मूले पर भी विचार किया जा रहा है ताकि सभी प्रमुख जातियों और धड़ों को संतुष्ट किया जा सके।<&sol;p>&NewLine;<p><img class&equals;"alignnone size-full wp-image-132692" src&equals;"https&colon;&sol;&sol;www&period;samastipurtown&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2022&sol;09&sol;20220925&lowbar;193204&period;jpg" alt&equals;"" width&equals;"1920" height&equals;"1080" &sol;><&sol;p>&NewLine;<p>वर्तमान में गृह मंत्रालय और विधानसभा अध्यक्ष का पद बीजेपी के पास है। नई सरकार में इन अहम पदों को किस तरह से बरकरार रखा जाता है या इनका दोबारा कैसे बंटवारा होता है&comma; यही बिहार के अगले राजनीतिक ढांचे की असली तस्वीर पेश करेगा। कुल मिलाकर नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना बिहार में एक युग के संक्रमण का प्रतीक है। बीजेपी और जेडीयू दोनों ही इस बदलाव के जरिए अपने-अपने वोट बैंक को सुरक्षित करते हुए भविष्य के चुनावों &lpar;खासकर यूपी चुनाव&rpar; के लिए एक मजबूत और अचूक जातीय फॉर्मूला तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं।<&sol;p>&NewLine;<p><img class&equals;"alignnone size-full wp-image-207934" src&equals;"https&colon;&sol;&sol;www&period;samastipurtown&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2026&sol;02&sol;IMG-20260201-WA0062-1&period;jpg" alt&equals;"" width&equals;"1120" height&equals;"746" &sol;><&sol;p>&NewLine;<p><img class&equals;"alignnone size-full wp-image-188712" src&equals;"https&colon;&sol;&sol;www&period;samastipurtown&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2025&sol;02&sol;IMG-20250204-WA0010&period;jpg" alt&equals;"" width&equals;"1600" height&equals;"640" &sol;><&sol;p>&NewLine;<p><img class&equals;"alignnone size-full wp-image-186275" src&equals;"https&colon;&sol;&sol;www&period;samastipurtown&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2024&sol;12&sol;IMG-20241218-WA0041&period;jpg" alt&equals;"" width&equals;"1120" height&equals;"866" &sol;><&sol;p>&NewLine;<p><img class&equals;"alignnone size-full wp-image-131566" src&equals;"https&colon;&sol;&sol;www&period;samastipurtown&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2022&sol;09&sol;20201015&lowbar;075150&period;jpg" alt&equals;"" width&equals;"720" height&equals;"713" &sol;>&NewLine;<&excl;-- WP QUADS Content Ad Plugin v&period; 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Avinash Roy

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