जानिये कौन हैं रिटायर लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन, सरकार ने बनाया बिहार का नया राज्यपाल

बिहार में बड़ा फेरबदल जारी है. एक तरफ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा का नामांकन किया है तो दूसरी तरफ अब बिहार के राज्यपाल को भी बदल दिया गया है. रिटायर लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल बनाया गया है. अभी बिहार के नए मुख्यमंत्री को लेकर लोगों के बीच चर्चा चल ही रही थी कि दूसीर तरफ बिहार को नया राज्यपाल दे दिया गया. बिहार के नए राज्यपाल सैयद अता हसनैन भारतीय सेना के एक रिटायर अधिकारी हैं जो जम्मू और कश्मीर में 15वीं कोर की कमान संभाल चुके हैं. 2018 में उन्हें कश्मीर केंद्रीय विश्वविद्यालय का कुलाधिपति बनाया गया.
सैयद अता ने भारतीय सेना में 40 साल की सेवा की और उसके बाद वह 2013 में मिलिट्री सेक्रेटरी या सैन्य सचिव के पद से रिटायर हुए. उससे पहले, उन्हें खास तौर पर श्रीनगर वापस भेजा गया था ताकि जब सड़कों पर तीन साल से चल रहा आंदोलन बिगड़ जाए तो व्यवस्था बहाल करने के लिए स्ट्रेटेजिक 15 कॉर्प्स की कमान संभाली जा सके. सेना के अपने करियर में, उन्होंने IPKF के साथ श्रीलंका में और उग्रवाद के चरम पर पंजाब में, भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों में और जम्मू और कश्मीर में सात बार ड्यूटी की है. उन्होंने सियाचिन ग्लेशियर में भी अपनी यूनिट की कमान संभाली है.

कश्मीर में 15वीं कोर की कमान संभालते हुए उन्होंने “हार्ट्स डॉक्ट्रिन” (जन-केंद्रित नीति) से उग्रवाद कम किया. 15वीं कोर कमांडर में कश्मीर घाटी में कमान संभालते हुए उन्होंने सद्भावना कार्यक्रमों और मानवाधिकारों पर जोर दिया. उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), उत्तम युद्ध सेवा मेडल (UYSM) सहित कई वीरता पदकों से सम्मानित किया गया है.

सेवानिवृत्ति के बाद वे कश्मीर केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलाधिपति रह चुके हैं और रक्षा मामलों पर एक प्रमुख विश्लेषक, वक्ता और स्तंभकार के रूप में कार्य करते हैं. सैयद अता हसनैन ने सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली और किंग्स कॉलेज, लंदन से शिक्षा प्राप्त की है. जनरल हसनैन को उनकी रणनीतिक समझ और कश्मीर में शांति स्थापना के प्रयासों के लिए जाना जाता है.




