UPSC ने कर दिया क्लियर: गाजीपुर की आकांक्षा सिंह 301वीं रैंक पर सच बोल रही थी, ब्रह्मश्वेर मुखिया की पोती का दावा गलत

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की ही आकांक्षा सिंह ने यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा 2025 में 301वीं रैंक लाने में कामयाब हुई हैं। डॉ. आकांक्षा के परिवार में गमी के कारण उन्होंने रिजल्ट को लेकर खुशियां नहीं जताई थी। इसी बीच बिहार के आरा से ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा सिंह की ओर से यूपीएससी क्लीयर करने और 301वीं रैंक हासिल करने का दावा किया गया। मामला मीडिया और सोशल मीडिया पर छाया रहा। इसके बाद यूपीएससी ने इस मामले में प्रेस रिलीज जारी कर स्थिति को स्पष्ट कर दिया है।
यूपीएससी की ओर से साफ किया गया है कि सिविल सेवा परीक्षा 2025 के 6 मार्च को घोषित किए गए अंतिम परिणाम में गाजीपुर की आकांक्षा सिंह ने सफलता दर्ज की है। आयोग की ओर से कहा गया है कि विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में दो उम्मीदवारों आकांक्षा सिंह के नाम से सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम में एक ही रैंक 301 प्राप्त करने का दावा किया जा रहा है।


आयोग ने इस संबंध में रैंक 301 प्राप्त करने वाली सफल उम्मीदवार का विवरण जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि आकांक्षा सिंह का रॉल नंबर 0856794 था। वह रणजीत सिंह और नीलम सिंह की पुत्री हैं। उनका गांव गाजीपुर जिला का अभयपुर है। ऐसे में गाजीपुर की बेटी का दावा सच साबित हो गया।

लगातार कर रही थी दावा
गाजीपुर की डॉ. आकांक्षा ने रिजल्ट प्रकाशित होने के एक दिन बाद अपनी सफलता का दावा किया था। दरअसल, उन्होंने कहा कि हमारे परिवार में गमी के कारण हमने इस रिजल्ट को सेलिब्रेट नहीं किया। हालांकि, इस बीच आरा की आकांक्षा सिंह की ओर से 301वीं रैंक हासिल करने का दावा किया। इस पर उन्होंने सामने आकर इस रैंक को खुद का बताया। इसके बाद विवाद लगातार गहराया हुआ था।





