CM योगी की मां पर अभद्र कमेंट करने वाला अब्दुल्ला सलीम गिरफ्तार, बिहार से उठा कर ले गई यूपी STF

उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने सोमवार देर शाम बिहार के पूर्णिया जिले से मौलाना अब्दुल्ला सलीम को गिरफ्तार कर लिया. मूल रूप से अररिया के रहने वाले मौलाना ने एक धार्मिक सभा में गौकशी कानूनों पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां और गौमाता के प्रति अभद्र टिप्पणी की थी.
इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बलरामपुर और बहराइच समेत कई जिलों में केस दर्ज हुए. यूपी पुलिस की कई टीमें अलर्ट पर थीं और सादी वर्दी में पहुंची एसटीएफ ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से मौलाना को हिरासत में ले लिया.

अपहरण की अफवाह और विधायक की एंट्री
रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तारी के दौरान मौके पर काफी भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी. सादी वर्दी में आए पुलिसकर्मियों द्वारा मौलाना को ले जाते देख स्थानीय लोगों को लगा कि यह अपहरण की घटना है. मामला तब शांत हुआ जब स्थानीय विधायक ने थाने से संपर्क किया. विधायक ने पुष्टि की कि यह कानूनी कार्रवाई है और उन्होंने परिवार को कानून पर भरोसा रखने को कहा. एक सीसीटीवी फुटेज में पुलिस मौलाना को ले जाती दिख रही है और अब उन्हें आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए उत्तर प्रदेश लाया गया है.

वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद
इस पूरे विवाद की जड़ मार्च की शुरुआत में वायरल हुआ एक वीडियो है. इसमें मौलाना अब्दुल्ला सलीम को आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते सुना गया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप लगा. यूपी पुलिस ने समाज में वैमनस्य फैलाने और अभद्र टिप्पणी करने की धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की.

यह विवाद बिहार में रमज़ान के महीने में हुई एक धार्मिक सभा के वीडियो क्लिप के वायरल होने के बाद शुरू हुआ. इस कथित वीडियो में, मौलवी पर आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री की मां का ज़िक्र करते हुए अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया.

विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
मौलाना की इन टिप्पणियों के कारण बलरामपुर, बस्ती, सीतापुर और कानपुर सहित कई ज़िलों में विरोध प्रदर्शन हुए, जहां बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कड़ी कार्रवाई की मांग की. BJP विधायक सुरेंद्र दिलेर ने भी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की थी, जिसमें उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ सकता है.

अभिनेता से सांसद बने रवि किशन ने भी इन टिप्पणियों की निंदा करते हुए कहा था कि भारतीय संस्कृति में मां को सर्वोच्च सम्मान प्राप्त है और ऐसे बयान अस्वीकार्य हैं. VHP नेताओं ने भी इस भाषण को भड़काऊ और सांप्रदायिक शांति भंग करने में सक्षम बताते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की थी, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत विचार करना भी शामिल था.

