बिहार में घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा के लिए करना होगा इंतजार, जमीन के मालिकाना हक की अपडेट जानकारी में भी देरी

राज्य में 80 साल या इससे अधिक उम्र के बुजुर्गों को घर बैठे निबंधन की सुविधा एक अप्रैल से नहीं मिल सकेगी। इसके साथ ही निबंधन से संबंधित जमीन के मालिकाना हक की जानकारी पाने के लिए भी आवेदकों को अभी और इंतजार करना होगा। मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने अप्रैल से शुरू हो गए नए वित्तीय वर्ष 2026-27 में आम जनता को निबंधन से जुड़ी दो बड़ी सुविधाएं देने की घोषणा की गई थी मगर तकनीकी कारणों से फिलहाल एक अप्रैल से इसे लागू नहीं किया जा सकेगा।
विभाग ने फरवरी माह में सभी जिला अवर निबंधक एवं अवर निबंधकों को पत्र लिख कर एक अप्रैल से वरिष्ठ नागरिकों को घर बैठे निबंधन की सुविधा दिए जाने को लेकर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया था। इसके लिए आवेदकों से 400 रुपये का शुल्क भी तय की गई है। ई-निबंधन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन के बाद निबंधन पदाधिकारी बुजुर्ग के घर जाकर निबंधन का काम करेंगे। इसे लागू करने के लिए निबंधन कार्यालयों को मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट (एमआरयू) दिया जाना है।

प्रत्येक यूनिट में वाहन सहित लिपिक, एक कंप्यूटर ऑपरेटर, लैपटॉप, बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट मशीन और इंटरनेट की सुविधा रहेगी। इस दिशा में काम जारी है। वहीं, जमीन की अपडेट जानकारी दस दिनों में देने की सुविधा पर भी काम जारी है। इस सुविधा के लिए क्रेता या विक्रेता को ई-निबंधन पोर्टल पर अपना अकाउंट बनाकर लॉग-इन करना होगा। इसके साथ आवेदक को जमीन से जुड़ी 13 तरह की जानकारी देनी होगी, जिसके बाद दस दिनों के अंदर सीओ जमीन की जानकारी आवेदक के लॉग-इन के साथ एसएमएस पर भी देंगे। विभाग ने व्यवस्था लागू करने के लिए सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखा था।





