AI से निशांत और मैथिली ठाकुर की आपत्तिजनक फोटो बनाकर वायरल करने वाला गिरफ्तार

सोशल मीडिया पर लाइक और फॉलोवर बढ़ाने की चाह में की गई एक लापरवाही एक युवक के लिए बड़ी मुसीबत बन गई। एआई तकनीक का इस्तेमाल कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार तथा अलीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक मैथिली ठाकुर की आपत्तिजनक तस्वीर बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है।
निशांत और मैथिली की आपत्तिजनक तस्वीर की शेयर :
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार युवक फतेहपुर थाना क्षेत्र के शब्दों गांव निवासी विकास कुमार यादव 35 है। आरोप है कि उसने एक सप्ताह पूर्व फेसबुक पर एआई तकनीक की मदद से निशांत कुमार और विधायक मैथिली ठाकुर से जुड़ी कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें तैयार कर उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया था। पोस्ट वायरल होते ही मामला तेजी से फैल गया और पुलिस तक इसकी सूचना पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए फतेहपुर पुलिस तुरंत हरकत में आई और शनिवार की शाम आरोपी युवक को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।

युवक ने वीडियो किया पोस्ट :
गिरफ्तारी के बाद युवक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी पोस्ट किया। थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री पोस्ट करने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। आरोपी को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ कर जेल भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक और एआई का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में गैर कानूनी कार्य है। थानाध्यक्ष ने आगे बताया कि किसी भी व्यक्ति की आपत्तिजनक फोटो, वीडियो या संदेश बनाकर अथवा एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाती है।
फर्जी सामग्री न करें पोस्ट :
थानाध्यक्ष ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी और सावधानी के साथ करें। किसी भी प्रकार की भ्रामक, फर्जी या आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने से बचें। यदि किसी के पास इस तरह की कोई सामग्री आती है तो उसे आगे शेयर करने के बजाय तुरंत पुलिस या संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। पुलिस का कहना है कि तकनीक का सही उपयोग समाज के लिए लाभदायक है। लेकिन इसका दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

आरोपी को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ कर जेल भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक और एआई का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में गैर कानूनी कार्य है। थानाध्यक्ष ने आगे बताया कि किसी भी व्यक्ति की आपत्तिजनक फोटो, वीडियो या संदेश बनाकर अथवा एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाती है।
फर्जी सामग्री न करें पोस्ट :
थानाध्यक्ष ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी और सावधानी के साथ करें। किसी भी प्रकार की भ्रामक, फर्जी या आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने से बचें। यदि किसी के पास इस तरह की कोई सामग्री आती है तो उसे आगे शेयर करने के बजाय तुरंत पुलिस या संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। पुलिस का कहना है कि तकनीक का सही उपयोग समाज के लिए लाभदायक है। लेकिन इसका दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।





