बिहार में 5 लाख घूस लेते इंजीनियर गिरफ्तार, 57 लाख की योजना में 10% कमीशन का खेल उजागर

बिहार के बेतिया से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां जिले के शिक्षा कार्यालय में विशेष निगरानी इकाई की टीम ने छापेमारी कर शिक्षा विभाग के सहायक अभियंता रौशन कुमार को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. आरोप है कि 57 लाख के रिपेयरिंग टेंडर में 10 प्रतिशत कमीशन वसूलने के दौरान रौशन कुमार को पांच लाख रुपये नगद लेते हुए पकड़ा गया. निगरानी विभाग के अधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई विशेष निगरानी टीम द्वारा की गई और इसमें बड़ी सफलता मिली. यह वही कार्यालय है, जहां एक साल पहले पूर्व जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत प्रवीण के खिलाफ करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार में छापेमारी हुई थी.
भ्रष्टाचार की जड़ें अब भी मजबूत
जानकारी के अनुसार, रजनीकांत प्रवीण के समय बनाए गए भ्रष्टाचार के नेटवर्क का असर अब तक जारी है. अधिकारी रौशन कुमार द्वारा खुलेआम रिश्वत लेना इस बात का प्रमाण है कि कार्यालय में भ्रष्टाचार का चैन टूटने का नाम नहीं ले रहा. निगरानी विभाग का कहना है कि यहां के अधिकारी इतने मजबूत हैं कि लाखों रुपए का लेन-देन कार्यालय में ही हो रहा है.

गिरफ्तारी और कार्रवाई
विशेष निगरानी इकाई ने रौशन कुमार को पांच लाख रुपये नगद रिश्वत लेते गिरफ्तार किया. यह कार्रवाई इस बात को स्पष्ट करती है कि शिक्षा विभाग के अंदर भ्रष्टाचार लगातार जारी है और इसके खिलाफ कड़ी निगरानी आवश्यक है. अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग पश्चिम चंपारण की प्रशासनिक कार्रवाई क्या होती है.

भविष्य की चुनौती
यह मामला शिक्षा विभाग के लिए गंभीर चुनौती खड़ी करता है. स्पष्ट हो गया है कि जिला शिक्षा कार्यालय में भ्रष्टाचार का खुला माहौल है. अब प्रशासन पर दबाव होगा कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई कर अधिकारियों को चेतावनी दे और भ्रष्टाचार की जड़ें समाप्त करे. इससे न सिर्फ विभाग की छवि सुधरेगी, बल्कि आम जनता का विश्वास भी वापस आएगा.




