बिहार के हर गांव में दुग्ध उत्पादन समिति, पंचायत में सुधा बिक्री केंद्र; नीतीश सरकार का ऐलान

बिहार के प्रत्येक गांव में दुग्ध उत्पादन समिति का गठन होगा। वहीं, प्रत्येक पंचायत में सुधा बिक्री केंद्र खोले जाएंगे। आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-3 के तहत यह निर्णय लिया गया है। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मंगलवार को विधानमंडल में राज्य का बजट पेश करते हुए इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि चतुर्थ कृषि रोडमैप के तहत वर्ष 2026-27 में डेयरी एवं मत्स्य पालन पर जोर दिया जाएगा। इसी के तहत हर गांव में दुग्ध उत्पादन समिति का गठन होगा।
साथ ही मधेपुरा में शीतक केंद्र की स्थापना होगी। इसकी क्षमता 50 किलोलीटर प्रतिदिन की होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में मत्स्य की उपलब्धता 60 फीसदी जनसंख्या के आधर पर 12.21 किलोग्राम है। इस वर्ष 2044 मिलियन मत्स्य बीज का वार्षिक उत्पादन हुआ है। मत्स्य उत्पादन में बिहार देश में चौथे स्थान पर पहुंच गया है।

पशु अस्पतालों में डिजिटल एक्स-रे होगा
उन्होंने कहा कि पशुधन सेवा के तहत पशु अस्पतालों में चौबीस घंटे चिकित्सा सेवा उपलब्ध रहेगी। डिजिटल एक्स रे की व्यवस्था होगी। पशुओं की गर्भ जांच तथा पशु रोगों के सही एवं त्वरित निदान के लिए अल्ट्रासाउंड मशीनें स्थापित की जाएंगी। सीमेन एवं भ्रूण का उत्पादन, भंडारण, वितरण एवं कृत्रिम गर्भाधान सेवा के लिए बिहार पशु प्रजनन विनियमन अधिनियम 2025 लागू किया गया है।

बकरी की उन्नत नस्ल पर जोर
बकरी की उन्नत नस्ल पर जोर है। बकरी विकास योजना के तहत बकरी प्रजनन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जा रही है। बकरी सीमेन स्टेशन की स्थापना के साथ ही बकरी फेडरेशन का गठन किया जा रहा है। इसके अलावा सूकर विकास योजना के तहत सूकर प्रजनन, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जा रही है।
गांवों में रोजगार बढ़ेंगे
डेयरी योजना के तहत गांवों में रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे। इसके लिए समग्र गव्य विकास योजना के तहत लोन सह अनुदान, स्वलागत पर डेयरी फार्मिंग के जरिये सशक्तीकरण और उनके लिए रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं।




