केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगी। 2010 के बाद पहली बार बिहार में NDA को 200 से ज्यादा (202) सीटें मिली हैं। ऐसे में इस बार बिहार को केंद्रीय बजट से काफी उम्मीदें हैं।
एक तरफ CM नीतीश कुमार जहां बार-बार अगले 5 साल में 1 करोड़ लोगों को नौकरी/रोजगार देने का वादा दोहरा रहे हैं। दूसरी तरफ सरकार लगातार लोक लुभावन योजनाओं का ऐलान कर रही है। इसके साथ ही बिहार में इंडस्ट्री से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में मदद के लिए केंद्र सरकार की तरफ देख रही है।
ऐसे में इस बार संभावना जताई जा रही है कि बिहार को मिलने वाले फंड से लेकर इंडस्ट्री के क्षेत्र में नई घोषणाएं हो सकती हैं। बिहार को लेकर एयरपोर्ट, एक्सप्रेस वे, हाईवे और रेलवे के क्षेत्र में भी नई घोषणाएं हो सकती हैं।
केंद्र से कर्ज की सीमा और इंटरेस्ट फ्री लोन में राहत की उम्मीद
बिहार के वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने केंद्र से आग्रह किया है कि ‘पूंजीगत व्यय’ के लिए मिलने वाले 50 साल के ब्याज मुक्त ऋण की सीमा को बढ़ाकर ₹1 लाख करोड़ किया जाए। इससे राज्य को बड़े पुल, सड़कें और बिजली प्रोजेक्ट्स बनाने में मदद मिलेगी।
फिलहाल राज्य सरकार मौजूदा GSDP (सकल राज्य घरेलू उत्पाद) का करीब 3% कर्ज ले सकती है। बिहार ने मांग की है कि इसे बढ़ाकर 5% किया जाए ताकि राज्य के पास विकास के काम करने के लिए अधिक पैसे रहें।
80 हजार करोड़ रुपए कर्ज लेना चाहती है बिहार सरकार
बिहार सरकर की मंशा 80 हजार करोड़ रुपए कर्ज लेने की है। पहले सरकार का विचार खुले बाजार समेत दूसरे माध्यमों से लगभग 1 लाख करोड़ रुपए कर्ज लेने का था, लेकिन राजकोषीय घाटा बहुत अधिक बढ़ने की आशंका के चलते कर्ज की राशि कंट्रोल में रखी जाएगी।
यह 80 हजार करोड़ रुपए के आसपास हो सकती है। इसके बाद भी राजकोषीय घाटा के अधिकतम 3% की सीमा को पार कर जाने की आशंका है।
आधुनिक खेती और राज्य में इंडस्ट्री लगाने की डिमांड
नीतीश सरकार का फोकस बिहार में 1 करोड़ नौकरी/रोजगार देने पर है। यही वजह है कि इस बार बिहार सरकार ने केंद्रीय बजट से राज्य में इंडस्ट्री लगाने की डिमांड रखी है।
बिहार सरकार ने केंद्र से मांग की है कि राज्य में इंडस्ट्री लगाई जाए। बिहार में जल संसाधन और स्किल्ड लेबर की पर्याप्त उपलब्धता है। इसे देखते हुए बिहार सरकार की तरफ से केंद्रीय वित्त मंत्री से मांग की गई है कि राज्य में नई इंडस्ट्री लगाने में मदद करें। इसके लिए अलग पैकेज दिया जाए।
बिहार में एग्रीकल्चर सेक्टर में भी काफी स्कोप है। इसे देखते हुए नीतीश सरकार ने केंद्र से रोजगार सृजन के लिए खेती को आधुनिक बनाने की मांग रखी है। सरकार की तरफ से कृषि क्षेत्र में AI, ड्रोन और ब्लॉकचेन जैसी नई तकनीकों पर आधारित केंद्र प्रायोजित योजनाओं की मांग की गई है।
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