समस्तीपुर बाईपास से लेकर अनीसाबाद-एम्स एलिवेटेड कॉरिडोर तक… 33,464 करोड़ के 52 सड़क प्रोजेक्ट की DPR समीक्षा
पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने गुरुवार को 52 सड़क परियोजनाओं के विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) समीक्षा की। इनकी लागत 33,464 करोड़ रुपए है। इस क्रम में उन्होंने निर्देश दिया कि डीपीआर तैयार करने में भविष्य की परियोजनाओं का भी ध्यान रखें। जिन परियोजनाओं के डीपीआर की समीक्षा की गई उनमें 36 एनएच विंग की, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम की 14 व बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड की दो परियोजनाएं हैं।
इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के डीपीआर की समीक्षा हुई :
- समस्तीपुर बाईपास (9.8 किमी) – शहर में ट्रैफिक जाम कम करने एवं बेहतर कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण
- विक्रमशिला सेतु (एनएच-131बी) के दोनों मार्गों का विकास (लगभग 15 किमी) – क्षेत्रीय संपर्क मजबूत करने हेतु।
- अनीसाबाद-एम्स एलिवेटेड कॉरिडोर (लगभग 7 किमी) – पटना में एम्स एवं अन्य क्षेत्रों को बेहतर जुड़ाव प्रदान करने वाली एलिवेटेड परियोजना।
- औरंगाबाद फोरलेन बाईपास (लगभग 9.8 किमी) – शहर में लगातार जाम की समस्या से राहत दिलाने हेतु।
- मधेपुरा जिले में सिंहेश्वर बाईपास (11.27 किमी) – स्थानीय कनेक्टिविटी एवं विकास को बढ़ावा।
- कमला नदी पुल (4-लेन सड़क पर, एनएच-227 (पुराना NH-104), लगभग 2 किमी) – यातायात को सुगम बनाने वाली महत्वपूर्ण परियोजना।
समीक्षा के दौरान यह पाया कि डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया में कुछ परियोजनाओं में अपेक्षित गति नहीं है। पथ निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में मौजूद परियोजना कंसल्टेंट्स एवं संबंधित अधिकारियों को डीपीआर को लेकर कई तरह के दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डीपीआर की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समयबद्धता पर विशेष ध्यान देते हुए इसे तैयार करें। डीपीआर तैयार करने में आने वाली अवरोधों की सूचना तुरंत उच्च स्तर को दी जाए ताकि उन्हें शीघ्र हल किया जा सके। ये परियोजनाएं राज्य की कनेक्टिविटी, आर्थिक विकास एवं जनसुविधा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

