उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्टीय लोक मोर्चा(आरएलएम) के तीन विधायक भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के चूड़ा दही भोज में शामिल हुए। विधायक रामेश्वर महतो और आलोक सिंह नितिन नबीन से मुलाकात की तस्वीर भी शेयर किया। इस दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी समेत कई नेता मौजूद थे। राजनीति के जानकार इसे चूड़ा दही भोज में खिचड़ी पकने की आहट बता रहे हैं।
मकर संक्रांति 14 और 15 जनवरी को मनाई गयी। लेकिन चूड़ा दही का सियासी भोज 12 जनवरी से शुरू हो गया और शुक्रवार 16 जनवरी को भी चला। अभी दिल्ली में इसका दौर चलेगा। बीजेपी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार से ताल्लुक रखने वाले नितिन नवीन ने शुक्रवार को पटना में दही चूड़ा भोज का आयोजन किया। नितिन नबीन हर साल यह आयोजन करते हैं। लेकिन, इस बार की चूड़ा दही बेहद खास थी। भोज से एक ऐसी तस्वीर निकलकर सामने आई जिसे उपेंद्र कुशवाहा के लिए टेंशन बढ़ाने वाला बताया जा रहा है।
उनकी पार्टी के विधायक इस भोज में शामिल हुए। ये वही विधायक हैं जो अपनी पार्टी के सुप्रीमो की लिट्टी चोखा पार्टी से गायब रहे थे। 25 दिसम्बर को बड़ा दिन पर कुशवाहा ने पटना में अपने आवास पर लिट्टी चोखा पार्टी रखी थी। लेकिन, रालोमो के विधायक पटना से दिल्ली चले गए। वहां जाकर नितिन नबीन से मुलाकात की और फोटो शेयर किया। उपेंद्र कुशवाहा के पार्टी जनों ने एक बार फिर वही काम किया। नितिन नबीन के साथ चूड़ा दही खाया और फेसबुक पर फोटो शेयर कर कई लोगों की टेंशन बढ़ा दी।
फोटो के साथ रामेश्वर महतो ने लिखा- “आज भारतीय जनता पार्टी के माननीय राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन जी द्वारा उनके आवास पर आयोजित भव्य दही–चूड़ा भोज में सहभागिता का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर दिनारा के माननीय विधायक आलोक जी भी साथ रहें।” इस सोशल मीडिया पोस्ट ने बिहार का राजनैतिक पारा हाई कर दिया है।
दरअसल, आरएलएम के तीन विधायक रामेश्वर महतो, माधव आनंद और आलोक सिंह अपने पार्टी सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा से नाराज हैं। कुशवाहा ने पार्टी के चार विधायकों(पत्नी स्नेहलता समेत) को साइड करके अपने बेटे दीपक प्रियदर्शी को बिना चुनाव लड़ाए मंत्री बना दिया। रामेश्वर कुशवाहा ने मीडिया में आकर कहा कि नाराज होना मेरा अधिकार है। उन्होंने उपेंद्र कुशवाहा पर परिवारवाद का आरोप भी लगाया। गुरुवार को जगदीशपुर के जदयू विधायक भगवान सिंह कुशवाहा ने दावा किया था कि तीनों विधायक बागी हो गए हैं। यह तस्वीर आने के बाद चर्चा का बाजार गर्म है कि ये अलग गुट बनाकर विधानसभा की तस्वीर बदल सकते हैं।
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