Bihar

NEET छात्रा के परिजनों को CBI जांच पर भरोसा नहीं, पूछा- सबूत हुए नष्ट, अब कैसे होगा खुलासा?

पटना में नीट (NEET) छात्रा मौत मामले में पटना पुलिस की घोर लापरवाही के कारण नीतीश सरकार की काफी आलोचना हो रही है. जिसके बाद बिहार सरकार ने अब मामले को सीबीआई को सौंपने को सौंपने का फैसला लिया है. वहीं परिजनों को अभी से सीबीआई जांच पर भरोसा नहीं है. परिजनों का कहना है बिहार पुलिस ने सारे सबूत और साक्ष्य मिटा दिए हैं और केस को सीबीआई को सौंपा है. इस कारण से कभी भी मामले का खुलासा नहीं हो सकेगा. उधर जेडीयू के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद समेत बिहार सरकार के मंत्रियों ने प्रतिक्रिया दी है. राजीव रंजन प्रसाद ने भरोसा दिलाया कि पीड़ित परिवार को किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है.

उन्होंने कहा कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए जो भी सख्त कदम उठाने होंगे, वह उठाए जाएंगे और दोषियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजने का संकल्प पूरा होगा. राजीव रंजन ने इस बात की भी जानकारी दी कि इससे पहले एसआईटी ने घटना से जुड़े सभी वीडियो फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) जुटा लिए हैं और पूरी जांच के बाद अपनी रिपोर्ट पेश करेगी. इस मामले में बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि बहुत गहन जांच की गई और जांच के दौरान घटना से जुड़ी हर डिटेल का पता लगाने की कोशिश की गई. हालांकि, कुछ लोग बिहार पुलिस और बिहार सरकार को बदनाम करने के लिए लगातार तरह-तरह की अफवाहें फैला रहे हैं.

उन्होंने कहा कि शुक्रवार (30 जनवरी) को पीड़ित की मां, पिता और परिवार के सदस्यों द्वारा सीबीआई जांच की मांग की गई थी, इसी को देखते हुए बिहार सरकार केंद्र से सीबीआई जांच का अनुरोध किया है. इस मामले में मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा कि हर हाल में न्याय मिलेगा. कोई भी व्यक्ति कितना भी ताकतवर क्यों न हो, कोई भी कानून से ऊपर नहीं है. उन्होंने कहा कि इस घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई चल रही है. यह एनडीए सरकार है, इस सरकार में किसी को बचाया नहीं जाता और न ही किसी को फंसाया जाता है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह अनुरोध किया है और हम सब उस मांग के साथ हैं. मंत्री मोहम्मद जमा खान ने कहा कि सीबीआई बहुत बड़ी एजेंसी होती है. अब सच सामने आ जाएगा.

बता दें कि बता दें कि छात्रा बीती 06 जनवरी की शाम को शंभू हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिली थी. उसके बाद तीन अस्पतालों में उसका इलाज चला, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी. छात्रा के परिजनों ने रेप और हत्या की आशंका जताई थी, लेकिन पुलिस के हिसाब से यह आत्महत्या का ‘ओपन एंड शट’ था. पहले दिन से पुलिस इस केस को आत्महत्या साबित करने में जुटी है और यह प्रयास अभी तक जारी है. ऐसा आरोप छात्रा के परिवार ने लगाए हैं. छात्रा के परिजनों के मुताबिक, डीजीपी विनय कुमार की ओर भी उनको धमकाया गया है.

Avinash Roy

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