बिहार की 3 विभूतियों को पद्मश्री अवॉर्ड; जानिए कौन हैं भरत सिंह भारती, विश्वबंधु और गोपाल जी

केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को वर्ष 2026 के लिए 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की है। इस सूची में बिहार की तीन प्रतिष्ठित हस्तियों को पद्मश्री से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। इनमें कला के क्षेत्र में भरत सिंह भारती और स्वर्गीय विश्वबंधु को, जबकि विज्ञान एवं अभियंत्रण के क्षेत्र में गोपाल जी त्रिवेदी को पद्मश्री प्रदान किया जाएगा। विश्वबंधु को यह सम्मान मरणोपरांत दिया जाएगा।
भरत सिंह भारती पिछले छह दशकों से भोजपुरी लोकगीत और लोकसंस्कृति के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे वर्ष 1962 से आकाशवाणी पटना से जुड़े हुए हैं और अपने गीतों के माध्यम से लंबे समय से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करते आ रहे हैं। भरत सिंह भारती ने न सिर्फ बिहार बल्कि देश और विदेश में भी भोजपुरी लोकगीतों को पहचान दिलाई है। उन्होंने अपनी टीम के साथ मॉरिशस में 35 से अधिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर भोजपुरी लोकसंस्कृति को वैश्विक मंच तक पहुंचाया। आकाशवाणी और दूरदर्शन पर उनके द्वारा किए गए भोजपुरी लोकगीतों के कार्यक्रमों को काफी लोकप्रियता मिली है। बिहार सरकार ने भी उन्हें कला के क्षेत्र में पहले ही सम्मानित किया है।

वहीं, स्वर्गीय विश्वबंधु को कला के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया जा रहा है। उनके निधन के बाद यह सम्मान उनके योगदान को याद करने और सम्मान देने का प्रतीक माना जा रहा है। इसके अलावा गोपाल जी त्रिवेदी को विज्ञान एवं अभियंत्रण के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए पद्मश्री देने की घोषणा की गई है। वे पूसा कृषि विश्वविद्यालय समस्तीपुर के कुलपति रह चुके हैं। आधुनिक कृषि टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अहम योगदान दे चुके हैं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पद्म पुरस्कारों की घोषणा पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पूरे बिहार के लिए गर्व की बात है। उन्होंने स्वर्गीय विश्वबंधु को मरणोपरांत सम्मान दिए जाने पर श्रद्धांजलि अर्पित की और भरत सिंह भारती व गोपाल जी त्रिवेदी को पद्मश्री मिलने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।




