कुशवाहा की पार्टी RLM टूट की ओर? 3 MLA के फोटो के साथ रामेश्वर महतो का पोस्ट- हम एकजुट हैं
उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा(आरएलएम) में ऑल इज वेल नहीं है। अंदर अंदर सुलग रही कलह की आग की लपटें बाहर निकलने लगी हैं। आरएलएम में टूट की चर्चा तेज हो गई है। नए साल के आगमन के पहले विधायक रामरेश्वर महतो ने एक तस्वीर जारी कर उपेंद्र कुशवाहा की टेंशन बढ़ा दी है। तस्वीर में तीन विधायक माधव आनंद, आलोक सिंह और रामेश्वर महतो साथ बैठे हैं। पोस्ट में रामेश्वर महतो ने लिखा है- हम सब एकजुट हैं। महतो पहले मीडिया में आकर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने बेटे को मंत्री बनाने का फैसला वापस लेने की मांग उपेंद्र कुशवाहा से की थी। उससे पहले 12 दिसम्बर को भी महतो ने फेसबुक के माध्यम से अपनी भड़ास निकाली थी।
रामेश्वर महतो ने फेसबुक पर फोटो जारी कर लिखा है- हम सब एकजुट हैं, आज भी साथ हैं और आगे भी साथ रहेंगे। एनडीए की मजबूती और बिहार के सर्वांगीण विकास के संकल्प के साथ- हम साथ-साथ हैं। जय एनडीए।
बताया जा रहा है कि यह तस्वीर शनिवार की है जब तीनों विधायक दिल्ली में माधव आनंद के आवास पर जुटे थे। फिलहाल तीनों कहां हैं इसकी जानकारी नहीं मिल रही है। आरएलएम के चार विधायक हैं जिनमें से एक उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता देवी हैं। सरकार गठन के बाद से आरएलएम के तीन विधायक रामेश्वर महतो, आलोक सिंह और माधव आनंद अपने साथी विधायक स्नेहलता और उपेंद्र कुशवाहा से अलग दिख रहे हैं। शीतकालीन सत्र के दौरान ये तीनों स्पीकर से मिलने चले गए थे। उनके साथ स्नेहलता देवी नहीं दिखीं। 25 दिसम्बर को कुशवाहा के पटना आवास पर लिट्टी चोखा पार्टी का आयोजन किया गया जिसमें ये तीनों नहीं दिखे। ये लोग नितिन नवीन से मिलने दिल्ली चले गए।
दिल्ली में रामेश्वर महतो ने मीडिया के सवाल पर कहा कि नाराज होना उनका अधिकार है। उन्होंने बेटे को मंत्री बनाना उपेंद्र कुशवाहा का आत्मघाती कदम बताया। यहां तक कह दिया कि उन्हें अपने फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए। बेटे को हटाकर तीन विधायकों में से किसी एक को मंत्री बनाना चाहिए। दीपक प्रकाश के लिए थोड़ा इंतजार करना चाहिए। यह भी कहा कि परिवारवाद का विरोध करने वाले हमारे नेता का हृदय परिवर्तन कैसे हो गया।

