बिहार में IAS अधिकारियों का बड़ा तबादला, संजीव हंस समेत 15 अधिकारियों को नई पोस्टिंग, विजयलक्ष्मी और कपिल अशोक भी शामिल

बिहार में प्रशासनिक तंत्र में बड़े पैमाने पर बदलाव किया गया है। राज्य के प्रशासन विभाग ने हाल ही में IAS अधिकारियों के तबादले की अधिसूचना जारी की है, जिसमें कुल 15 अधिकारियों के पदस्थापना में बदलाव किया गया है। इस कदम को राज्य सरकार द्वारा प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने और जन सेवा में सुधार लाने के उद्देश्य से उठाया गया माना जा रहा है।
इस अधिसूचना के तहत विजयलक्ष्मी, शीर्षत कपिल अशोक, के. सेंथिल कुमार, पंकज कुमार और संजीव हंस को नई पोस्टिंग दी गई है। अधिकारियों के इस बड़े तबादले का असर राज्य के विभिन्न विभागों और जिला प्रशासन पर देखा जा सकता है। प्रशासनिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के बदलाव से नीति निर्माण और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आती है।
दरअसल, बिहार सरकार ने आज एक बड़े पैमाने पर आईएएस अधिकारियों के तबादले और पदस्थापन की अधिसूचना जारी की है। पटना से दिनांक 30 दिसंबर 2025 को जारी इस अधिसूचना में कई वरिष्ठ अधिकारियों के विभाग और अतिरिक्त प्रभार में बदलाव किए गए हैं। राज्य के प्रशासनिक ढांचे को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

इस अधिसूचना के अनुसार, विजयलक्ष्मी एन. (भा.प्र.से., 1995), जो वर्तमान में अपर मुख्य सचिव, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार, पटना के पद पर कार्यरत हैं, उन्हें अगले आदेश तक अपर मुख्य सचिव, योजना एवं विकास विभाग, बिहार, पटना के पद पर स्थानांतरित किया गया है। इसके साथ ही वह सचिव, बिहार राज्य योजना परिषद, पटना और परियोजना निदेशक, बिहार आपदा पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण सोसाइटी, पटना के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगी। इस बदलाव के तहत शीर्षत कपिल अशोक (भा.प्र.से., 2011) को प्रभारी सचिव के रूप में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार, पटना के दायित्वों का निष्पादन करने का जिम्मा दिया गया है।

वहीं, के. सेंथिल कुमार (भा.प्र.से., 1996) को प्रधान सचिव, गन्ना उद्योग विभाग, बिहार, पटना के पद पर पदस्थ किया गया है। इसके अतिरिक्त वह सचिव, बिहार राज्य योजना परिषद और परियोजना निदेशक, बिहार आपदा पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण सोसाइटी के प्रभार में भी रहेंगे। इसी प्रकार, पंकज कुमार (भा.प्र.से., 1997) को प्रधान सचिव, ग्रामीण विकास विभाग, बिहार, पटना के पद पर पदस्थ किया गया है, जबकि वे जांच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त प्रभार में बने रहेंगे।
इस सूची में अन्य प्रमुख तबादलों में संजीव हंस (भा.प्र.से., 1997) को अगले आदेश तक अपर सदस्य, राजस्व परिषद, बिहार, पटना के पद पर पदस्थ किया गया है। नर्मदेश्वर लाल (भा.प्र.से., 1998) को प्रधान सचिव, कृषि विभाग, बिहार, पटना के पद पर स्थानांतरित किया गया है, जबकि वे जांच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त प्रभार में बने रहेंगे। इसी प्रकार, विनय कुमार (भा.प्र.से., 1999) को प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना के पद पर पदस्थ किया गया है।

साथ ही, प्रेम सिंह मीणा (भा.प्र.से., 2000) को आयुक्त, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर के पद पर पदस्थ किया गया है। मनीष कुमार (भा.प्र.से., 2005) को आयुक्त, सारण प्रमंडल, छपरा के पद पर स्थानांतरित किया गया है। पुडकलकट्टी (भा.प्र.से., 2006) अब सचिव, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, बिहार, पटना के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे।
इस अधिसूचना में खेल विभाग और पर्यटन विभाग से जुड़े भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। महेन्द्र कुमार (भा.प्र.से., 2011) को खेल विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है, जबकि आरिफ अहसन (भा.प्र.से., 2017) को निदेशक, खेल, बिहार, पटना के अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। पर्यटन विभाग के मामलों में निलेश रामचंद्र देवरे (भा.प्र.से., 2011) को प्रबंध निदेशक, बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया और वे अगले आदेश तक विशेष सचिव, पर्यटन विभाग के पद पर रहेंगे।

स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना से जुड़े प्रभार में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अमित कुमार पांडेय (भा.प्र.से., 2014) को प्रबंध निदेशक, बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड के अतिरिक्त प्रभार में रखा गया है। बिहार राज्यपाल के आदेश से जारी यह अधिसूचना प्रशासनिक कार्यों को सुव्यवस्थित करने और विभिन्न विभागों में दक्ष नेतृत्व सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। इस बड़े पैमाने पर आईएएस अधिकारियों के तबादले से राज्य प्रशासन में ताजगी आएगी और विभिन्न विभागों के कामकाज में और गति आएगी। इस तरह, बिहार सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उच्च स्तरीय प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए समय-समय पर बदलाव आवश्यक हैं। अधिसूचना में शामिल सभी अधिकारियों को अपने-अपने विभागों और अतिरिक्त प्रभार में निर्धारित जिम्मेदारियों का निष्पादन करना अनिवार्य होगा।


