जन सुराज पार्टी के सर्वोच्च नेता प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) पर हमले की शुरुआत में पांच बड़े नेताओं सम्राट चौधरी, दिलीप जायसवाल, अशोक चौधरी, मंगल पांडेय और संजय जायसवाल पर अलग-अलग तरह के आरोप लगाए थे। प्रशांत सोमवार को जब मीडिया के सामने आए तो सम्राट और अशोक के अलावा तीन नेताओं पर नहीं बोले। कुछ लोग इसको लेकर सोशल मीडिया पर सेटिंग की अटकलें लगा रहे हैं।
प्रशांत किशोर ने अब कहा है कि जन सुराज पार्टी कोई जांच एजेंसी नहीं है कि चुनाव छोड़कर यही करते रहे। उन्होंने कहा कि उनका काम भ्रष्ट नेताओं को जनता के सामने नंगा करना था। उन्होंने कहा कि जिसने गलती मान ली और चुप हो गए, उस पर आगे नहीं बोल रहे हैं, क्योंकि वह बात जनता के सामने आ गई। प्रशांत ने कहा कि जो गलती नहीं मान रहे हैं, उनके खिलाफ किस्त जारी करते रहेंगे।
प्रशांत किशोर ने एक डिजिटल चैनल ‘सिटी पोस्ट लाइव’ के कार्यक्रम में कहा- “हम कोई जांच एजेंसी नहीं हैं। अशोक चौधरी ने 200 करोड़ की चोरी की है या 2000 करोड़ की है, यह हमको नहीं पता है। हम उतनी जानकारी देते हैं कि इनका चेहरा नंगा हो जाए। ये मान लें तो हम छोड़ देंगे। छोड़ इस नजरिया से देंगे कि जनता को पता चल गया, अब निर्णय जनता को करना है। कल जन सुराज की व्यवस्था बनेगी तो 100 बड़े भ्रष्ट नेताओं और अफसरों का एक-एक चीज खंगालेंगे कि ये 200 करोड़ की चोरी किए हैं या 2000 करोड़ का। अभी हम चुनाव छोड़कर जांच करने लगें?”
प्रशांत किशोर ने मंगल पांडेय और दिलीप जायसवाल का नाम लेकर दावा किया गलती मानने के बाद इनको बख्श दिया गया है। प्रशांत ने कहा- “जब तक गलती नहीं मानोगे, तब तक किस्त जारी होता रहेगा। मंगल पांडेय मान गए, चुप हो गए, हाथ-पैर जोड़ लिए। इसका मतलब ये नहीं है कि उनसे समझौता हो गया। फाइल किनारे रख दिया है। जन सुराज की व्यवस्था बनेगी तो वो फाइल खुलेगी। जनता ने देख लिया कि ये आदमी भ्रष्ट है, अपनी गलती मान लिया है, चुप्पी साध लिया है। दिलीप जायसवाल ने सरेंडर कर दिया। अशोक चौधरी 5 दिन में नहीं मानेंगे कि 200 करोड़ और कहते रहेंगे कि ये मेरा है, ये घोषित किए हैं, ये पत्नी ने खरीदा है तो 500 करोड़ का जारी कर देंगे। चुप्पी साधने से नहीं होगा। माफी मांगना पड़ेगा।”
प्रशांत ने कहा- “दिलीप जायसवाल कहां गए। अशोक चौधरी का बयान सुने। अब लीगल लड़ाई नहीं लड़ेंगे। राजनीतिक लड़ाई लडे़ंगे। पहले कहा था कि हम इनको सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाएंगे। लीगल नोटिस भेजे। अब कह दिए लीगल नहीं राजनीतिक लड़ाई लड़ेंगे। अशोक चौधरी सरेंडर कर लें। भोले बाबा के भक्त बताते हैं लेकिन हैं लक्ष्मी के भक्त। गलती मानिए, बिहार की जनता से माफी मांग लीजिए। नहीं तो जनता दौड़ाएगी। जनता जाग गई है, जनता दौड़ा रही है।”
समस्तीपुर : शून्य से छह वर्षों के बच्चों के स्वास्थ्य की जांच के साथ शारीरिक,…
भारतीय सर्राफा बाजार में बुधवार को एक नया इतिहास दर्ज हुआ। सोने की कीमतों ने…
समस्तीपुर : स्कूलों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना के तहत अब रसोइया-सह-सहायक से केवल रसोई…
बिहार सरकार ने कोचिंग संस्थानों पर लगाम लगाने की पूरी तैयारी कर ली है। राज्य…
समस्तीपुर/रोसड़ा : गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को देशभक्ति से जोड़ने की…
महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन हो गया है। जानकारी…