दरभंगा के स्वर्ण व्यवसायी और होटल बिजनेस से जुड़े मनीष कुमार गुप्ता का शव 6 टुकड़ों में मिला है। दरभंगा-मुजफ्फरपुर फोरलेन पर मिले शव में दोनों हाथ, दोनों पैर, सिर और धड़ अलग-अलग हैं। परिजन इसे हत्या बता रहे हैं। वहीं पुलिस हत्या और हादसे में मौत में उलझी है।
50 साल के मनीष गुप्ता नगर थाना क्षेत्र के हसनचक के रहने वाले थे। मनीष के गले से सोने की चेन और हाथ से चार-पांच अंगूठी भी गायब है।
व्यवसायी की बॉडी दरभंगा-मुजफ्फरपुर को जोड़ने वाली नेशनल हाईवे-27 के पास रानीपुर में बुधवार शाम को मिली। शव मिलने की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते स्थानीय लोग घटनास्थल पर जुट गए।
आक्रोशित परिजन और पड़ोसियों ने जमकर बवाल किया। सड़क पर लाश थी और लोगों ने आगजनी की, जाम लगा दिया। लोग सीनियर ऑफिसर को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े थे।
6 टुकड़ों में रोड पर मिला शव
मनीष के दोनों हाथ, दोनों पैर और सिर-धड़ अलग-अलग थे। बाएं पैर दो टुकड़ों में बंटा हुआ था। मनीष की ज्वेलरी शॉप के पड़ोस में पान का दुकान चलाने वाले पप्पू भगत ने बताया, ‘दोपहर 2ः40 बजे पर मनीष गुप्ता दुकान से निकले।
एक ई-रिक्शा को आवाज देकर रुकवाया। ई-रिक्शा पर बैठकर कहीं जाने लगे। पूछने पर बताया कि घर जा रहा हूं, प्रसाद खाकर आता हूं।’
उन्होंने बताया कि 3 बजकर 15 मिनट पर मोबाइल पर उनकी मौत की सूचना आई। जबकि दुकान से घर की दूरी मात्र 300 मीटर के करीब है।
व्यवसायी की मौत पर हंगामा, 5 घंटे जाम
व्यवसायी का शव मिलने के बाद गुस्साए पड़ोसियों ने NH-27 को जाम कर दिया। आक्रोशित लोगों ने हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। भीड़ ने वरीय अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मनीष कुमार की हत्या की गई है और अपराधियों ने शव को टुकड़ों में काटकर फेंक दिया।
लोगों ने कहा, प्लानिंग के तहत मनीष की हत्या कर शव को टुकड़ों में किया गया और फिर सड़क पर फेंक दिया गया, ताकि मामला हादसा का लगे।
उधर, सूचना मिलते ही नगर थाना की टीम घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में करने की कोशिश शुरू की। बाद में मंत्री संजय सरावगी की ओर से जांच के आश्वासन के बाद जाम हटाया गया।
इस दौरान करीब पांच घंटे तक सड़क जाम रहने से दोनों लेन पर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई थी, जिसे बारी-बारी से पास कराया गया।
बिना जांच के पुलिस हिट एंड रन का केस बता रही- पड़ोसी
मृतक के पड़ोसी सौरभ कुमार ने कहा कि मनीष गुप्ता की मौत एक्सीडेंट नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। उन्होंने प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाया।
हत्या समेत सभी बिंदुओं पर जांच जारी हैः SDM
SDM विकास कुमार ने बताया, ‘शव की पहचान हो गई है और परिजनों से आवेदन लेकर हत्या समेत सभी बिंदुओं पर जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि मृतक जिस ई-रिक्शा से घर लौट रहे थे, उसके ड्राइवर की पहचान कर पूछताछ की जाएगी। DMCH में पोस्टमॉर्टम के बाद मनीष के शव को परिजन को सौंप दिया गया।’
सदर SDPO राजीव कुमार ने कहा, ‘परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं। पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।’
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