राजद, भाजपा और कांग्रेस सहित 25 सोशल मीडिया हैंडल पर केस; भड़काऊ पोस्ट का आरोप

बिहार विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सोशल मीडिया पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की कड़ी निगरानी हो रही है। बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की सोशल मीडिया पेट्रोलिंग सेल 24 घंटे कार्यरत है। इस सेल को मिली शिकायत के आधार पर अब तक राजद, भाजपा, कांग्रेस सहित 25 सोशल मीडिया हैंडलों पर आपत्तिनजक, भ्रामक एवं भड़काऊ पोस्ट करने के आरोप में 21 एफआईआर दर्ज कराई गई है।
भड़काऊ गीत फैलाने वाले चार यू्-ट्यूब चैनलों पर भी एफआईआर
डीआईजी एमएस ढिल्लन ने बताया कि इनके अलावा चार यू-ट्यूब चैनलों पर विभिन्न समुदायों में भय, वैमनस्य एवं विद्वेष फैलाने से संबंधित सामग्री मिली हैं। चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली इन सामग्रियों के प्रसारण को लेकर इन यूट्यूब चैनलों पर एफआईआर दर्ज की गई है। इस बाबत उन्होंने बताया कि अब तक 184 आपत्तिजनक पोस्ट या हैंडल्स या लिंक के खिलाफ सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम, यू-ट्यूब समेत अन्य को नोटिस भेजकर इन आपत्तिजनक पोस्टों को हटवाया या लॉक कराया गया है।

एआई से बने वीडियो की जांच को अलग डेस्क
डीआईजी ने बताया कि इस चुनाव में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से तैयार किए गए फेक वीडियो और डीपफेक कंटेंट के मामले काफी सामने आ रहे हैं। इनकी जांच को लेकर अलग डेस्क बनाई गई है। ऐसे 117 पोस्ट हटाए गए, जबकि छह एफआईआर दर्ज की गयी। विवादित पोस्ट हटाने के बाद भी आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले चैनलों के लिंक या वेबपेज को ब्लॉक करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। ऐसे 145 सोशल मीडिया हैंडल्स या प्रोफाइल की पहचान की गई है, जिन्हें निरंतर निगरानी में रखा गया है। इनमें सोशल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के 40 हैंडल्स, 28 यू-ट्यूब चैनल्स एवं डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म तथा 77 विभिन्न सोशल मीडिया प्रोफाइल शामिल हैं।

अक्टूबर में 249 मोबाइल किए गए ब्लॉक
एडीजी नैयर हसनैन खान ने बताया कि अक्तूबर में अब तक सात कुख्यात (अब तक 171) साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही 249 मोबाइल नंबर भी ब्लॉक किए गए हैं। सिम ब्लॉकिंग की प्रक्रिया जिलों से भी करायी जा रही है। अगस्त में 199 म्यूल बैंक खातों को संदिग्ध पाते हुए इससे संबंधित विभिन्न जानकारी एकत्र की गई है।





