Bihar

‘वीरेन्द्र नारायण’ 71 दिन पहले बने थे RDDE, वैशाली DEO रहते जमकर माल बनाया, अब SVU ने आय से 3.75 करोड़ अधिक अर्जित करने का दर्ज किया केस

बिहार की विशेष निगरानी इकाई ने आज एक धनकुबेर अधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी की है. सेवाकाल में अवैध कमाई करने के आरोप में एसवीयू ने दबिश दी है. धनकुबेर अधिकारी हैं शिक्षा विभाग के उप निदेशक वीरेन्द्र नारायण. विशेष निगरानी इकाई 11 सितंबर की सुबह से ही पटना से लेकर मुजफ्फरपुर और पूर्णिया के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. रेड में अकूत संपत्ति का पता चला है.

धनकुबेर निकला डिप्टी डायरेक्टर 

शिक्षा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर वीरेंद्र नारायण के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज किया है. एसवीयू ने मुजफ्फरपुर में आरडीडीई के पद पर पदस्थापित वीरेन्द्र नारायण के खिलाफ 3 करोड़ 75 लाख 66 हजार 92 रू आय से अधिक अर्जित करने का केस दर्ज कर, कोर्ट से सर्च वारंट लेने के बाद तलाशी ले रही है. एसवीयू की टीम मुजफ्फरपुर स्थित कार्यालय ,पटना स्थित आवास और पूर्णिया के पैतृक आवास की तलाशी ली है. इस दौरान आरडीडीई के ठिकानों से नकद के अलावे जमीन-जायदाद के कागजात के अलावे अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं.

दो महीने पहले तक वैशाली के जिला शिक्षा पदाधिकारी थे वीरेन्द्र नारायण

बता दें, शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय उप निदेशक वीरेन्द्र नारायण आज से 71 दिन पहले तक वैशाली के जिला शिक्षा पदाधिकारी हुआ करते थे. शिक्षा विभाग ने इन्हें 30 जून को मुजफ्फरपुर प्रमंडल का क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक बनाया था. डीईओ वैशाली के पद पर रहने के दौरान वीरेन्द्र नारायण पर अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी. वैशाली में पदस्थापन के दौरान जमकर माल उगाही की शिकायत ऊपर तक पहुंची थी. जानकार बताते हैं कि वैशाली में पोस्टिंग के दौरान वीरेन्द्र नारायण ने अवैध तरीके से अकूत संपत्ति अर्जित की. अब जाकर शिकंजा कसा है. विशेष निगरानी इकाई ने आरडीडीई के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.

यह भी पढ़ें : शिक्षा विभाग के अफसर वीरेंद्र नारायण के ठिकानों पर छापेमारी, आय से अधिक संपत्ति का मामला, समस्तीपुर में भी रह चुके हैं DEO के पद पर

हाल में कई डीईओ ने अर्जित की है अकूत संपत्ति

वैसे, क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक वीरेन्द्र नारायण अकेले अधिकारी नहीं है. हाल तक कई जिलों में जिला शिक्षा पदाधिकारी रहे शिक्षा सेवा के अधिकारियों ने जमकर माल बनाया. शिक्षा विभाग की तरफ से सरकारी स्कूलों में संसाधन बढ़ाने के लिए करोड़ों रू दिए. काम कराने का जिम्मा जिला शिक्षा पदाधिकारियों को दिया गया था. इन अधिकारियों ने कागज पर काम कराकर जमकर माल बनाया है. जांच एजेंसियों की छापेमारी में अकूत संपत्ति अर्जित करने का खुलासा हो रहा है.

Avinash Roy

Recent Posts

मुफस्सिल थाने की पुलिस ने तीन वारंटी समेत दो पियक्कड़ों को पकड़ा

समस्तीपुर : मुफस्सिल थाने की पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए तीन वारंटियों समेत शराब…

6 घंटे ago

क्लोन एक्सप्रेस से दिल्ली जा रही नवविवाहिता समस्तीपुर स्टेशन से गायब, शौचालय जाने की बात कहकर जेवर और नगदी भी ले गई

एक नवविवाहिता के समस्तीपुर रेलवे स्टेशन से अचानक गायब होने का मामला सामने आया है.…

6 घंटे ago

जांच के लिए समस्तीपुर पहुंची केंद्रीय टीम, बिथान के सोहमा पंचायत में मनरेगा योजनाओं की शुरू की जांच

समस्तीपुर/बिथान : समस्तीपुर जिले के बिथान प्रखंड के सोहमा पंचायत में मनरेगा योजनाओं को लेकर…

6 घंटे ago

प्रशस्त ऐप पर शिक्षकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण का आदेश, रफ्तार चल रही सुस्त 

समस्तीपुर : सरकारी एवं निजी स्कूलों के शिक्षकों का प्रशस्त ऐप 2.0 पर पंजीकरण कराने…

7 घंटे ago

1 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय घपले में पूर्व प्रभारी प्रधानाध्यापक निलंबित, वर्तमान में समस्तीपुर जिले में हैं पदस्थापित

समस्तीपुर : बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा राज्य में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के…

14 घंटे ago

महुआ विधायक और मंत्री संजय सिंह पर दिल्ली के होटल में युवती से बदतमीजी का आरोप! तेज प्रताप यादव ने की जांच की मांग

बिहार सरकार के मंत्री और महुआ विधानसभा सीट से विधायक संजय सिंह पर एक युवती…

21 घंटे ago