पुलिस टीम पर फायरिंग मामले में पूर्व सांसद सूरजभान सिंह और बीजेपी नेता राम लखन सिंह सहित तीन को सजा

बिहार के बेगूसराय के एमपी-एमएलए कोर्ट ने एक 32 साल पुराने मामले में पूर्व सांसद सूरजभान सिंह, भाजपा के वरिष्ठ नेता राम लखन सिंह और वीरेंद्र ईश्वर उर्फ शोषण सिंह को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद राजनीतिक और आपराधिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। न्यायाधीश संजय कुमार की अदालत ने भाजपा नेता राम लखन सिंह और वीरेंद्र ईश्वर उर्फ शोषण सिंह को चार-चार साल की कैद की सजा सुनाई, जिसके बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
सूरजभान सिंह को जमानत
वहीं, पूर्व सांसद सूरजभान सिंह को एक साल की सजा होने के कारण अदालत से जमानत मिल गई। यह मामला 9 अक्टूबर 1992 का है, जब एफसीआई थाना क्षेत्र में पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि मॉम फैक्ट्री में कुछ हथियारबंद बदमाश छिपे हुए हैं। सूचना पर एफसीआई थाना पुलिस सहित कई थानों की टीम ने मौके पर छापेमारी की। पुलिस टीम को देखते ही बदमाशों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए राम लखन सिंह और वीरेंद्र ईश्वर को घटनास्थल से गिरफ्तार कर लिया।

घटना में क्या हुआ?
उनके पास से हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए, जबकि सूरजभान सिंह मौके से भागने में सफल रहे थे। इस घटना के बाद एफसीआई थाने में कार्यरत एएसआई उमाशंकर सिंह ने बरौनी थाना में कांड संख्या 406/92 दर्ज कराया था। इस मामले में सुनवाई के दौरान कुल 12 गवाहों की गवाही हुई, जिसमें उस समय के जिला अधिकारी रहे रामेश्वर सिंह भी शामिल थे, जिन्होंने कोर्ट में आकर अभियोजन की पुष्टि की थी।

अदालत ने सुनवाई के बाद राम लखन सिंह और वीरेंद्र ईश्वर को कई धाराओं में दोषी पाया। उन्हें धारा 307 (हत्या का प्रयास) में चार साल, धारा 353 (सरकारी कर्मचारी पर हमला) में एक साल, आर्म्स एक्ट में चार साल, और धारा 26 व 27 में तीन-तीन साल की सजा सुनाई गई है। हालांकि, इन सभी सजाओं को एक साथ चलाने का प्रावधान है। वहीं, पूर्व सांसद सूरजभान सिंह को केवल धारा 353 के तहत दोषी पाया गया और उन्हें एक साल की सजा सुनाई गई। गौरतलब है कि राम लखन सिंह भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष रह चुके हैं और उनकी छवि एक बाहुबली नेता की रही है।





