एसआईआर में कटे नामों पर सुनवाई की डेट समाप्त, 30 सितंबर को रिलीज होगा फाइनल डेटा

निर्वाचन आयोग की ओर से विधानसभा चुनाव को लेकर कराए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कटे नामों पर सुनवाई की तिथि गुरुवार को समाप्त हो गई। आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देश के अनुसार, पहली से 25 सितंबर तक निर्वाचक निबंधक अधिकारियों (ईआरओ) को कटे हुए नामों को लेकर दावे-आपत्तियों संबंधित अपील सुनने एवं निष्पादित करने का दायित्व दिया गया था।
अब संबंधित तिथि समाप्त होने के उपरांत शनिवार को डेटा सत्यापन के साथ ही अंतिम रूप प्रिंटिंग के लिए भेजा जाएगा। इसके उपरांत 30 सितंबर को अंतिम रूप मतदाता सूची का प्रकाशन करने की समय सीमा निर्धारित है। उल्लेखनीय है कि 30 अगस्त को आयोग की एसआईआर के उपरांत 16,93,361 ने नाम जोड़ने, जबकि 2,17,049 नाम हटाने के आवेदन आए थे।

पहली अगस्त को राज्य की 243 विधानसभा क्षेत्रों के सभी 90712 बूथों की प्रारूप सूची जारी की गई थी। ड्राफ्ट सूची में 7.24 करोड़ मतदाताओं का नाम प्रकाशित किया गया था। प्रारूप सूची के प्रकाशन के बाद दावा-आपत्ति की प्रक्रिया आरंभ की गई थी। इस दौरान राज्य भर से 16 लाख 93 हजार 361 मतदाताओं ने सूची में नाम सम्मिलित कराने को लेकर आवेदन पत्र भरा था।
इसमें ड्राफ्ट सूची को लेकर 36475 मतदाताओं ने नाम सम्मिलित करने का आवेदन दिया था, जबकि 18 वर्ष और उससे ऊपर आयु के 16 लाख 56 हजार 886 मतदाताओं ने अपना नाम सूची में जोड़ने के लिए आवेदन दिया था। प्रकाशित ड्राफ्ट सूची से दो लाख 17 हजार 49 मतदाताओं ने नाम हटाने का आवेदन आए थे।

एआरओ ने पढ़ा एमसीसी, एग्जिट पोल व इंटरनेट मीडिया मॉनिटरिंग का पाठ
दूसरी ओर, विधानसभा चुनाव तैयारियों के क्रम में सहायक निर्वाची अधिकारियों का राज्यस्तरीय दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम गुरुवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी, बिहार के सभागार में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में राष्ट्रीय स्तर के मास्टर प्रशिक्षकों ने नामांकन, संवीक्षा, अभ्यर्थिता वापसी, प्रतीक आवंटन, एमसीएमसी, आदर्श आचार संहिता, मतगणना प्रक्रिया तथा पोस्टल बैलेट की प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी।






