भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राज कुमार सिंह उर्फ आरके सिंह ने बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल से कहा है कि वो जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के नेता प्रशांत किशोर के आरोपों का जवाब या इस्तीफा दें। सिंह ने कहा कि इसके कारण पार्टी का ग्राफ गिर रहा है इसलिए जरूरत है कि जिन पर आरोप लगा है, वो सामने आकर अपनी बात रखें। बता दें कि प्रशांत किशोर ने पिछले हफ्ते सम्राट चौधरी, दिलीप जायसवाल समेत भाजपा और जदयू के मंंत्री मंगल पांडेय, अशोक चौधरी और सांसद संजय जायसवाल पर अलग-अलग तरह के आरोप लगाए थे।
आरके सिंह ने एएनआई से कहा- “उनको सामने आना चाहिए और उसका जवाब देना चाहिए। अगर उनके पास जवाब है तो। अगर जवाब नहीं है तो इस्तीफा दे देना चाहिए। अब जैसे प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया दिलीप जायसवाल पर कि हत्या में शामिल थे। माइनॉरिटी के मेडिकल कॉलेज पर कब्जा कर लिया अवैध रूप से। उसका उत्तर देना चाहिए। अगर उनके पास उत्तर है तो और नहीं है तो बता दें कि नहीं है हमारे पास उत्तर। उत्तर है तो मानहानि का केस कर देना चाहिए।”
सम्राट चौधरी की चर्चा करते हुए आरके सिंह ने कहा- “इसी तरह से सम्राट चौधरी। ये (प्रशांत किशोर) बार-बार कहता है कि उप-मुख्यमंत्री सातवीं फेल है। भाई मैट्रिक का डिग्री दिखा देना चाहिए। ग्रेजुएशन का डिग्री दिखा देना चाहिए। ये सरकार की साख, पार्टी की साख पर सवाल पैदा करता है। सामने आना चाहिए। मैं जेडीयू प्रवक्ता (नीरज कुमार) से बिल्कुल सहमत हूं कि सामने आकर कहना चाहिए। जैसे अशोक चौधरी के बारे में उन्होंने कहा कि 200 करोड़ कहां से आए, वैसे ही।”
नेता बनने से पहले देश के गृह सचिव रहे आरके सिंह ने प्रशांत किशोर के आरोप झेल रहे मंगल पांडेय या संजय जायसवाल का बिना नाम लिए कहा- “आकर अपनी बात क्लीयर करना चाहिए और आरोप सही है तो आप छोड़कर चले जाइए। आप पार्टी की छवि को क्यों धूमिल कर रहे हैं। इसके कारण पार्टी का जो ग्राफ है, वो नीचे गिर रहा है। सब देख रहा है कि कैसे-कैसे लोग हैं। इसलिए आवश्यक है कि सामने आएं।”
भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अफसर से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राजनेता बनने के बाद नरेंद्र मोदी सरकार में सात साल तक मंत्री रहे आरके सिंह आरा सीट से 2024 का लोकसभा चुनाव सीपीआई-माले के सुदामा प्रसाद से हार गए थे। आरके सिंह समेत शाहाबाद में बीजेपी और जेडीयू के ज्यादातर कैंडिडेट हार गए थे। काराकाट में उपेंद्र कुशवाहा के खिलाफ भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह के निर्दलीय लड़ने से पूरे मगध से शाहाबाद तक समीकरण बदल गया था और वहां से सीपीआई-एमएल के राजाराम सिंह कुशवाहा जीते थे। आरके सिंह ने तब भी भाजपा से आसनसोल का टिकट लौटाकर लड़ने आए पवन सिंह के कारण उपेंद्र कुशवाहा के फंसने के कारण भाजपा से कुशवाहा वोटों की नाराजगी की आशंका जताई थी।
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