सुनना है तो सुनो, नहीं तो, 10 लोग भी… वोट अधिकार यात्रा में भाषण के दौरान क्यों भड़के खरगे?

बिहार के सासाराम से शुरू हुई इंडिया अलायंस की वोट अधिकार यात्रा में महागठबंधन के तमाम दिग्गज नेता शामिल हुए। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के नेतृत्व में यात्रा निकल रही है। इस दौरान सासाराम में अलायंस के दिग्गज नेताओं ने लोगों को संबोधित किया। जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी भाषण दे रहे थे। लेकिन अचानक वो भड़क गए। उन्होने कहा कि सुनना है तो सुनो, नहीं को 10 लोग भी रहेंगे तो भी मैं भाषण दूंगा।
दरअसल भाषण के वक्त भीड़ काफी शोर-शराबा कर रही थी। जिसे शांत कराने की कोशिश की गई । लेकिन जब लोग शांत नहीं हुए तो खरगे का धैर्य भी जवाब दे गया। उन्होने कहा कि जिसे सुनना है, वो सुने बाकी लोग बाहर जाएं।

अपने भाषण में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हम लोग सिर्फ चुनाव के लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र के लिए लड़ रहे हैं। संविधान बचाने के लिए लड़ रहे हैं। वोट की सुरक्षा के लिए लड़ रहे हैं। ये वोट काट-काटकर अपनी हुकूमत चलाना चाहते हैं। ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकना है। इसलिए सभी मजबूती के साथ गठबंधन के लोगों के साथ रहिए। ये सरकार जरूर बदलेगी। इनका कोई अस्तित्व नहीं रहेगा। आपके सहयोग से बिहार में भी सरकार बदलेगी।

खरगे ने आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग सरकार का एजेंट रह गया है। 2023 में कानून लाया गया कि चुनाव आयोग चेयरमैन और सदस्य कोई गलती करता है तो उसके ऊपर केस नहीं डाल सकते हैं। 2023 में ही मजबूती करके 2024 में धोखाधड़ी करके वोट लिया है। अब इसे रोकना है। यह जरूरी है। भाजपा-आरएसएस गरीबों, युवाओं और महिलाओं के लिए बहुत खतरनाक है। आरएसएस महिलाओं के लिए वोटिंग अधिकार नहीं चाहती थी। भाजपा के लोग हर बात पर तंग कर रहे हैं।




