‘सबसे बड़े फ्रॉड तो Deputy CM विजय सिन्हा निकले..’ कांग्रेस ने दो-दो जगह मतदाता होने पर उठाए सवाल

बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के पास दो वोटर आईडी का खुलासा कांग्रेस ने किया है. विजय सिन्हा का नाम दो अलग-अलग स्थानों पर मतदाता सूची में दर्ज होने का दावा सामने आते ही सियासी गलियारों में हलचल मच गई है. सोशल मीडिया पर इसको लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं और विपक्षी दलों ने इसे चुनावी नैतिकता पर गंभीर सवाल बताया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मतदाता सूची के रिकॉर्ड में विजय सिन्हा का नाम दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में दर्ज होने की बात कही जा रही है.
आरोप-प्रत्यारोप का दौर :
इस दावे के बाद सोशल मीडिया पर नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है. कई यूजर्स ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं. कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने इसे चुनावी पारदर्शिता पर चोट बताया है, जबकि एनडीए खेमे के समर्थक इसे विपक्ष की साजिश करार दे रहे हैं.


सबसे बड़े फ्रॉड तो उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा निकले !
–साहब दो जगह के मतदाता हैं – लखीसराय और बांकीपुर, पटना
– साहब ने दोनों जगह SIR फॉर्म भी भरा है ।
– दोनों जगह ड्राफ्ट में उनका नाम भी आ गया है।महत्पूर्ण सवाल है कि यह कैसे हुआ ?
–क्या वे पिछले चुनावों में दोनों जगह वोट दे… pic.twitter.com/HbAMaRSev2
— Bihar Congress (@INCBihar) August 9, 2025

बिहार कांग्रेस ने की जांच की मांग :
बिहार कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से पोस्ट किया है. कांग्रेस ने लिखा कि “अगर उपमुख्यमंत्री के नाम से दो निर्वाचन कार्ड दर्ज हैं, तो यह चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल है. इसकी तत्काल जांच होनी चाहिए.” कांग्रेस नेताओं ने इसे ‘चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर खतरा’ बताते हुए आयोग से कार्रवाई की मांग की है.

चुनाव आयोग के लिए चुनौती :
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब बिहार में मतदाता सूची में गड़बड़ी और नाम काटे जाने को लेकर पहले से विवाद चल रहा है. अब उपमुख्यमंत्री के नाम पर दो-दो मतदाता कार्ड का दावा सामने आना चुनाव आयोग के लिए नई चुनौती बन गया है. आयोग की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है.

तेजस्वी यादव को चुनाव आयोग का नोटिस :
हाल ही में एनडीए ने चुनाव आयोग से तेजस्वी यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज करने की मांग की थी. आरोप था कि उनके पास दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में वोटर आईडी दर्ज हैं. इस मामले को लेकर भी सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर तीखी बहस हुई. चुनाव आयोग ने भी नोटिस देकर डिटेल मांगी है. अब विजय सिन्हा के नाम पर यह दावा सामने आने से मामला और गर्म हो गया है.



