सृजन घोटाला: पूर्व डीएम बीरेंद्र प्रसाद यादव पर जालसाजी और साजिश के आरोप गठित, CBI कोर्ट में ट्रायल शुरू

सीबीआई की विशेष अदालत में मंगलवार को 36 करोड़ 99 लाख रुपए के सृजन घोटाले के एक मामले का ट्रायल शुरू हो गया। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश सुनील कुमार-2 ने घोटाला के आरोपी सह भागलपुर के तत्कालीन डीएम बीरेन्द्र प्रसाद यादव के खिलाफ आरोप गठित किया। विशेष अदालत ने आरोपी अधिकारी पर जालसाजी, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्ट्राचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप गठित किया है। वर्तमान में बीरेन्द्र प्रसाद यादव कृषि विभाग में विशेष सचिव हैं।
कोर्ट में उपस्थिति रहने के दौरान उनके ऊपर लगे आरोप को सुनाया गया। हालांकि, उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोप से इनकार किया। इसके बाद विशेष अदालत ने इस मामले की अगली तारीख 26 अगस्त 2025 निर्धारित की है। साथ ही सीबीआई को अभियोजन गवाह पेश करने का निर्देश दिया है।

विशेष अदालत इस घोटाले के अन्य सभी आरोपियों के खिलाफ पहले ही आरोप गठित कर चुकी थी। यह मामला वर्ष 2014 से लेकर 2017 के बीच भागलपुर में हुए घोटाले से जुड़ा है। भागलपुर जिले में मुख्यमंत्री विकास योजना के 36 करोड़ 99 लाख 33 हजार 548 रुपये की बंदबाट करने के लिए सृजन महिला विकास समिति के खाते में रकम स्थानांतरित की गई थी। इस संबंध में सीबीआई ने वर्ष 2017 में एफआईआर दर्ज की। सीबीआई इस मामले में अबतक तीन चार्जशीट दायर चुकी है।

तीसरे चार्जशीट में डीएम बीरेन्द्र प्रसाद यादव को आरोपी बनाया गया है। जांच के दौरान दो सरकारी बैंक खातों से दो चेक के माध्यम से 12 करोड़ 20 लाख 15 हजार रुपये और 9 करोड़ 75 लाख 63 हजार रुपये और ड्राफ्ट के माध्यम से 5 करोड़ 50 लाख रुपये महिला सृजन विकास समिति के खाता में ट्रांसफर हुआ था। तीन वर्षों में कुल 36 करोड़ 99 लाख 33 हजार 548 रुपये की बंदरबाट की गई।

घोटाले में समिति की अध्यक्ष भी हैं आरोपी
इस घोटाले में विश्वनाथ दत्ता, नवीन कुमार राय, एनवी राजू, ज्ञानेन्द्र कुमार, बंशीधर झा, सृजन महिला विकास समिति की अध्यक्ष मनोरमा देवी की बहु रजनी प्रिया, सरिता झा, सुबा लक्ष्मी प्रसाद और भागलपुर के तत्कालीन डीएम बीरेन्द्र प्रसाद यादव आरोपी हैं।



